New Corona Strain: केंद्र सरकार ने कोरोना के नए स्ट्रेन के डर को देखते हुए नए साल के मौके पर राज्यों से पाबंदियों को लेकर विचार करने को कहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को नए साल के जश्न के लिए होने वाले आयोजनों पर कड़ी निगरानी रखने का भी निर्देश दिया है. उसका मानना है कि ऐसे आयोजन कोविड-19 महामारी के लिए संभावित ‘सुपर स्प्रेडर’ साबित हो सकते हैं. मंत्रालय ने सर्दियों के मौसम में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के मद्देनजर भीड़ इकट्ठा होने पर भी रोक लगाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं. Also Read - Corona Vaccination in India, Day 3: टीकाकरण के तीसरे दिन 1,48,266 लोगों को लगा टीका; 580 लोगों में दिखा प्रतिकूल प्रभाव, 7 अस्पताल में भर्ती

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे एक पत्र में स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि पिछले साढ़े तीन महीने से देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि यूरोप और अमेरिका में इस महामारी के मामलों में हुई ताजा वृद्धि को देखते हुए देश में विस्तृत सावधानी बरतने और सख्त निगरानी रखने की आवश्यकता है.

भूषण ने अपने पत्र में लिखा, ‘नए साल और इसके जश्न के लिए होने वाले विभिन्न आयोजनों तथा सर्दियों के मौसम के मद्देनजर ‘सुपर स्प्रेडर’ कार्यक्रमों और भीड़ की संभावना वाले स्थलों पर सख्त निगरानी आवश्यक है.’ केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से हाल ही में जारी किए गए दिशा-निर्देशों को दोहराया. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने आकलन के अनुरूप स्थानीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने जैसे, रात के समय निषेधाज्ञा लागू करने आदि का अधिकार दिया है ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके.

हालांकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यात्रियों और सामानों की राज्यों के भीतर या एक से दूसरे राज्यों में आवाजाही पर कोई रोक नहीं लगाई है. राज्यों का इस ओर ध्यान आकर्षित करते हुए स्वास्थ्य सचिव ने उनसे आग्रह किया है कि स्थानीय स्थितियों का आकलन करने के बाद वे 30 दिसंबर से एक जनवरी तक उचित कार्रवाई कर सकते हैं.

(इनपुट: भाषा)