नई दिल्ली. देश के नए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपना पदभार संभाल लिया है. रक्षा मंत्री का पद संभालते ही राजनाथ सिंह अपने पहले दौरे पर कश्मीर जाने वाले हैं. वे सोमवार को दुनिया की सबसे ऊंची सुरक्षा चौकियों में शुमार सियाचिन ग्लेशियर का दौरा करने वाले हैं. रक्षा मंत्री के कश्मीर दौरे को नई सरकार की कश्मीर को लेकर अपनाई जाने वाली नीतियों के संदर्भ में देखा जा रहा है. मोदी सरकार में इससे पहले गृह मंत्रालय का जिम्मा संभालने वाले राजनाथ सिंह ने बीते शनिवार को ही रक्षा मंत्री का पदभार संभाला है.

रक्षा मंत्री के तौर पर राजनाथ सिंह का सियाचिन ग्लेशियर का यह पहला दौरा होगा. उनसे पहले पीएम नरेंद्र मोदी और पूर्व रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी सियाचिन का दौरा कर चुकी हैं. निर्मला सीतारमण ने तो पिछले साल सियाचिन में ही सेना के जवानों के साथ दशहरे का त्योहार भी मनाया था. वहीं, पीएम मोदी ने भी कई मौकों पर सियाचिन ग्लेशियर पर तैनात जवानों के साथ मुलाकात की है.

राजनाथ सिंह ने रक्षा मंत्रालय का पदभार संभालने के बाद सबसे पहले राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद उन्होंने सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों के साथ मुलाकात की. बताया गया कि इस मुलाकात के दौरान राजनाथ ने जनरल बिपिन रावत, एयरचीफ मार्शल बीएस धनोआ और नौसेना चीफ एडमिरल करमबीर सिंह को अपने-अपने बल के बारे में रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया. नए रक्षा मंत्री ने इन तीनों सेनाओं के प्रमुखों से संबंधित बलों के कामकाज को लेकर रिपोर्ट मांगी है. सूत्रों के अनुसार तीनों सेना प्रमुखों की रिपोर्ट मिलने के बाद राजनाथ सिंह थलसेना, नौसेना और वायुसेना के कामकाज की समीक्षा करेंगे.