नई दिल्ली: आप सांसद संजय सिंह ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष दिल्ली सरकार के कामों में रुकावटें डालने का मुद्दा उठाया है. संजय सिंह ने 18 जुलाई से शुरु हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले सरकार द्वारा आयोजित सर्वदलीय बैठक में यह मुद्दा उठाया. बैठक के बाद सिंह ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि ‘उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद दिल्ली के उपराज्यपाल दिल्ली सरकार को चलने नहीं दे रहे हैं. ये कोई सामन्य बात नहीं है.’ Also Read - Bungalow Demolition Case: कंगना रनौत ने सुप्रीम कोर्ट में BMC की चुनौती के खिलाफ दायर की कैव‍ियट

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उन्होंने बताया कि मैंने प्रधानमंत्री से पूछा कि हमारा गुनाह क्या है? हम दिल्ली के हर घर में राशन पहुंचाना चाह रहे हैं, सीसीटीवी कैमरे लगाना चाहते हैं, लेकिन हमें आप काम नहीं करने दे रहे हैं. यह संघीय ढांचे के खिलाफ़ है.’ राज्यसभा में आप संसदीय दल के नेता सिंह ने कहा कि बैठक में उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद दिल्ली सरकार के कामों में रुकावट डालने का मुद्दा उठाया और कहा कि दिल्ली में चुनी हुई सरकार को काम करने नहीं दिया जा रहा है.

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बता दें कि 4 जुलाई को दिल्ली की चुनी हुई सरकार और उपराज्यपाल के बीच शक्ति के बंटवारे को लेकर खींचातानी पर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला दिया था. शीर्ष अदालत ने अपनी अहम टिप्पणी में कहा है कि दिल्ली में कोई बॉस नहीं है. उपराज्यपाल को चुनी हुई सरकार की सिफारिशों के आधार पर काम करना होगा. हालांकि उसने यह भी साफ कर दिया कि दिल्ली एक पूर्ण राज्य नहीं है और अदालत इस मामले में कोई फैसला नहीं दे सकता. अदालत ने कहा कि उपराज्यपाल को अपने विवेक से काम करने या फैसला लेने का हक नहीं है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने कहा कि असली सत्ता और जवाबदेही चुनी हुई सरकार की है.