नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस से उस याचिका पर रिपोर्ट सौंपने को कहा है, जिसमें यहां सरकारी स्कूलों में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा में कथित तौर पर जातिवादी और मानहानिकारक सवाल पूछने के लिए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है. विशेष न्यायाधीश एस के मल्होत्रा ने पूर्वी दिल्ली में विवेक विहार के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) से सुनवाई की अगली तारीख तक रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है.Also Read - दिल्लीवासियों के लिए अहम सूचना, कार से जाना है चांदनी चौक तो पहले पढ़ लें खबर, अब इन सड़कों पर होगा प्रतिबंध

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मामले की अगली सुनवाई की तारीख 13 दिसंबर निर्धारित कर दी. अधिवक्ता सत्य प्रकाश गौतम द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि अखबार में एक खबर पढ़ने के बाद दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) की परीक्षा में आपत्तिजनक सवाल पूछे जाने के बारे में उन्हें जानकारी मिली और सोशल मीडिया से उन्हें प्रश्न पत्र की एक प्रति मिली. Also Read - Delhi Unlock Update: दिल्ली में अनलॉक के बाद खुले रेस्टोरेंट में नहीं मिल रही शराब, मालिक बोले- पबंदियां हटाई जाएं

दिल्ली में शिक्षक भर्ती परीक्षा का सवाल- ‘पंडितः पंडिताइनः…’, मचा बवाल

डीएसएसएसबी ने 13 अक्टूबर को परीक्षा ली थी और हिंदी भाषा तथा बोध के प्रश्न पत्र में बहुविकल्पीय प्रश्न संख्या 61 में दलित समुदाय के लिए कथित तौर पर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था. प्रश्न को लेकर विवाद पैदा होने के बाद बोर्ड ने एक बयान में कहा था कि ‘जातिवादी’ स्वर वाला सवाल ‘असावधानी से हुई गलती’ की वजह से प्रश्न पत्र में शामिल हो गया. उसने कहा था कि मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान उस सवाल पर विचार नहीं किया जाएगा.