नई दिल्ली: एलजीबीटीक्यू समुदाय से जुड़ी परेशानियों व उन्हें पर्याप्त अधिकार न मिलने के मसले पर जागरूकता फैलाने के लिए 19 जनवरी को ‘कॉनक्वीर’ कार्यक्रम शुरू हो रहा है, जिसमें एलजीबीटीक्यू समुदाय की समस्याओं पर विचारक व सामाजिक कार्यकर्ता विचार-विमर्श करेंगे. केशव सूरी फाउंडेशन और लव मैटर्स इंडिया द्वारा आयोजित ‘कॉनक्वीर’ का लक्ष्य मीडिया में एलजीबीटीक्यू समुदाय के समग्र प्रतिनिधित्व में बढ़ोतरी करना है. इस कार्यक्रम में धारा 377 हटने के बाद भारत में एलजीबीटीक्यू समुदाय की समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत की रणनीतिक प्रक्रिया की शुरुआत होगी.

लव मैटर्स इंडिया की कंट्री हेड वितिका यादव ने बताया, ‘अलग-अलग सामाजिक वर्गों से आने वाले विभिन्न लीडर इस समारोह में भाग लेंगे और एलजीबीटीक्यू समुदाय से जुड़ी समस्याओं, परेशानियों के साथ उनकी बेहतर जिंदगी के रास्ते में आने वाली रुकावटों पर चर्चा की जाएगी. हम एक साथ का सामाधान निकालने में भी सक्षम होंगे.’ उन्होंने कहा, ‘मुझे काफी उम्मीद है कि कॉनक्वीर इस समुदाय की समस्याओं के संबंध में बातचीत की नई शुरुआत करेगा और भारत में एलजीबीटीक्यू समुदाय की समानता के लिए समाज को और सरकार को ज्यादा से ज्यादा काम करने के लिए प्रोत्साहित करेगा.’

केशव सूरी फाउंडेशन के संस्थापक केशव सूरी ने कहा, ‘संविधान से धारा 377 हटा दी गई है, लेकिन अभी इस दिशा में केवल थोड़ा सा काम हुआ है. अभी हमने केवल सतह को खरोंचा है. समय-समय पर इस तरह के विचार-विमर्श के सेशन होने बहुत जरूरी हैं.’ इस सम्मेलन में शामिल होने वाले विचारक, नेता, संरक्षक और सहयोगी आम जनता को एलजीबीटीक्यू समुदाय की समस्याओं पर सोचने को मजबूर करेंगे. पांच विषयों के दायरे में विभिन्न मुद्दों, जैसे कानून और नीति, स्वास्थ्य, रोजगार, मनोरंजन और शिक्षा पर विचार-विमर्श किया जाएगा. कार्यक्रम में ट्रांसजेंडर विधेयक पर हुई नवीनतम प्रगति, सरोगेसी बिल और भारत में एलजीबीटीक्यू के सामान्य जीवन जीने के रास्ते में आने वाली रुकावटों पर चर्चा की जाएगी.