नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने नई दिल्ली के लोधी एस्टेट इलाके में स्थित अपना सरकारी बंगला खाली कर दिया और उसकी चाबियां केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को सौंप दीं. कांग्रेस ने एक बयान जारी कर कहा कि अधिकारियों ने बंगले का पूरा मुआयना किया और पाया कि यह अच्छी हालत में है. इस आधार पर उन्होंने सीपीडब्ल्यूडी की तरफ से प्रियंका को आवास खाली करने से जुड़ी रिपोर्ट (वैकेशन रिपोर्ट) जारी की और चाबियां प्राप्त की. Also Read - विधानसभा चुनाव में करारी हार की समीक्षा के लिए समिति बनाएगी कांग्रेस

कांग्रेस पार्टी ने कहा कि प्रियंका ने बिजली, पानी और दूसरे सभी बकाया बिलों का भुगतान कर दिया तथा वह संपत्ति निदेशालय की तरफ से आवंटन और लीज रद्द किए जाने के संदर्भ में जुलाई महीने के लिए लाइसेंस शुल्क का अंतिम आकलन किए जाने का इंतजार कर रही हैं. प्रियंका से जुड़े सूत्रों ने बताया कि वह अभी कुछ दिन गुरुग्राम में रहेंगी और फिर मध्य दिल्ली इलाके में किराये के एक आवास में रहने चली आएंगी. सूत्रों का कहना है कि प्रियंका ने मध्य दिल्ली में अपने रहने के लिए जो आवास तय किया है उसकी रंगाई-पुताई और मरम्मत का काम चल रहा है. Also Read - Who is Himanta Biswa Sarma: पूर्वोत्तर के चाणक्य कहे जाते हैं हेमंत बिस्व सरमा, कभी कांग्रेस सरकार में थे मंत्री, आज बनेंगे असम के CM

गौरतलब है कि केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रियंका से नयी दिल्ली स्थित सरकारी बंगला एक अगस्त तक खाली करने को कहा है. उसकी ओर से जारी आदेश में कहा गया कि एसपीजी सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद उन्हें मौजूदा आवास ‘35 लोधी एस्टेट’ खाली करना पड़ेगा क्योंकि जेड प्लस की श्रेणी वाली सुरक्षा में आवास सुविधा नहीं मिलती. सरकार ने पिछले साल नवंबर में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली थी तथा उन्हें जेड-प्लस श्रेणी सुरक्षा दी थी. Also Read - Complete Lockdown in India: क्या पूरे देश में लॉकडाउन लगाएगी मोदी सरकार? अब कांग्रेस पार्टी ने भी की खास मांग