नई दिल्ली: प्रगति मैदान में हर साल लगने वाला भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला (आईआईटीएफ) इस बार छोटा होगा. मेला स्थल पर निर्माण कार्य चलने की वजह से स्थान की कमी है. पिछले साल के मुकाबले केवल एक चौथाई स्थान ही मेले के लिए उपलब्ध होगा. मेले की आयोजक संस्था भारत व्यापार संवर्धन संगठन (इटपो) ने मंगलवार को यह जानकारी दी. प्रगति मैदान में हर साल 14 से 27 नवंबर के दौरान व्यापार मेले का आयोजन होता है. मेला स्थल पर आधुनिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केन्द्र का निर्माण कार्य चल रहा है जिससे उपलब्ध खाली स्थान की कमी है.

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इटपो की यहां जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस साल के व्यापार मेले में राज्यों, केन्द्र सरकार के विभागों और देश, विदेश के उद्यमियों सहित कुल मिलाकर 800 प्रदर्शक भाग लेंगे. मेले की विषय वस्तु ‘भारत में ग्रामीण उद्यम’ पर आधारित होगी.’ विज्ञप्ति में कहा गया है कि आईआईटीएफ 2018 में अफगानिस्तान भागीदार देश होगा जबकि नेपाल को फोकस देश के तौर पर शामिल किया गया है. झारखंड को फोकस राज्य का दर्जा दिया गया है. इटपो ने कहा है कि इस साल का व्यापार मेला अपने आप में उल्लेखनीय है. यह साल महात्मा गांधी की 150वीं जयंती की शुरूआत का साल है. मुख्य विषय वस्तु भी ग्रामीण भारत के उद्यम पर आधारित होगी. ग्रामीण विकास मंत्रालय इसका आयोजन करेगा.

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मेले के शुरुआती चार दिन (14 से 17 नवंबर) केवल कारोबारी दर्शकों के लिए होंगे. इसके बाद 18 से 27 नवंबर के दौरान आम जनता के लिये यह खुलेगा. आम कार्यदिवसों में वयस्क के लिये प्रवेश टिकट 60 रुपये, बच्चों के लिये 40 रुपये का होगा जबकि शनिवार, रविवार और सार्वजनिक अवकाशों के दिन वयस्क के लिए 120 रुपए और बच्चों के लिए 60 रुपए का प्रवेश टिकट होगा. मेले में प्रवेश के लिए आनलाइन भी टिकट बुक हो सकेगी. प्रगति मैदान में टिकट की बिक्री नहीं होगी. प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन को छोड़कर दिल्ली में 66 मेट्रो स्टेशनों पर व्यापार मेले के टिकट उपलब्ध होंगे.