नई दिल्ली: सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि देश में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीपीए) के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए विश्व बैंक, संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों और एएफडी समेत अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ बातचीत शुरू की गयी है. एम उदयकुमार के प्रश्न के लिखित उत्तर में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री महेश शर्मा ने यह बात कही.

प्रश्न पूछा गया था कि क्या देश के अनेक शहरों में जहरीली हवा से निपटने के लिए कुछ अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भारत की मदद करने के लिए तैयार हो गयी हैं. शर्मा ने उत्तर में कहा कि विश्व बैंक, संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों, ब्लूमबर्ग फिलान्थ्रोपीज, जीआईजेड, स्विस डेवलपमेंट कार्पोरेशन और एएफडी (फेंच एजेंसी) आदि ने देश में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के कार्यान्वयन में सहायता करने के लिए इच्छा व्यक्त की है.

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उन्होंने कहा कि देश में एनसीएपी के कार्यान्वयन में तेजी लाने के उद्देश्य से तकनीकी सहायता कार्यक्रमों को तैयार करने के लिए इन एजेंसियों के साथ बातचीत शुरू हो गयी है. शर्मा ने कहा कि तकनीकी सहायता कार्यक्रम के भाग के रूप में एनसीएपी के अंतर्गत आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए इन अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों में से प्रत्येक द्वारा दो से चार शहरों को लिये जाने की संभावना है.