चेन्नई। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम का नया अध्यक्ष बनते ही एम के स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर हमला बोला. अपने पहले अध्यक्षीय भाषण में स्टालिन ने मोदी केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और सरकार पर देश का भगवाकरण करने सहित कई आरोप लगाए. स्टालिन अध्यक्ष के एकमात्र उम्मीदवार थे और उन्हें सर्वसम्मति से चुन लिया गया. उनकी जगह पार्टी के नए कोषाध्यक्ष दुरई मुरुगन होंगे.Also Read - Uttarakhand: PM मोदी ने 18,000 करोड़ के विकास प्रोजेक्‍ट्स का शिलान्यास व लोकार्पण किया, कहीं ये अहम 10 बातें

Also Read - PM मोदी 7 दिसंबर को यूपी के गोरखपुर में 9600 करोड़ के प्रोजेक्‍ट्स देश को समर्पित करेंगे, AIIMS का भी उद्घाटन करेंगे

भाजपा की तरफ झुकाव की अटकलों पर विराम Also Read - Digital Infrastructure: 'भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस से जीवन में सुधार संभव'

भाजपा की तरफ द्रमुक के झुकाव की अटकलों पर विराम लगाते हुए नवनिर्वाचित डीएमके अध्यक्ष एम.के.स्टालिन ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला. स्टालिन ने कहा कि मोदी सरकार भारत का भगवाकरण करने की कोशिश कर रही है. स्टालिन ने पार्टी अध्यक्ष पद की शपथ लेने के बाद अपने पहले संबोधन में कहा कि आइए भगवाकरण की कोशिश कर रही मोदी सरकार को सबक सिखाएं.

करुणानिधि के निधन के बाद द्रमुक में फिर वर्चस्व की लड़ाई के आसार

द्रमुक अध्यक्ष पद पर स्टालिन के पिता दिवंगत एम.करुणानिधि पांच दशक तक बने रहे. यहां महापरिषद की बैठक में सैकड़ों पार्टी प्रतिनिधियों के बीच स्टालिन ने कहा कि हम उस किसी भी पार्टी का विरोध करेंगे, जो एक भाषा का प्रभुत्व चाहती है. स्टालिन ने कहा कि राज्य सरकारों के अधिकारों को रौंदा जा रहा है और मोदी सरकार को सबक सिखाने की जरूरत है. उन्होंने द्रमुक कार्यकर्ताओं से जनविरोधी व रीढ़विहीन अन्नाद्रमुक सरकार को तमिलनाडु से उखाड़ फेंकने की अपील की.

पेरियार की नीतियों पर चलेंगे

स्टालिन ने कहा कि द्रमुक द्रविड़ आइकन ई.वी. रामास्वामी ‘पेरियार’ के सामाजिक न्याय की नीतियों से विमुख नहीं होगी. द्रमुक के ईश्वर विरोधी नहीं होने की घोषणा करते हुए स्टालिन ने कहा कि पार्टी पेरियार की तर्कवादी नीति से पीछे नहीं जाएगी. स्टालिन ने भरोसा दिया कि द्रमुक का नया नेतृत्व पार्टी सदस्यों व समर्थकों के विचार को प्रदर्शित करेगा.

उन्होंने स्वीकार किया कि अपने दिवंगत पिता की तरह तमिल भाषा पर उनकी पकड़ नहीं. स्टालिन ने कहा कि मेरे पास हर चीज के लिए कोशिश करने का स्वभाव है. उन्होंने कहा कि अब से वह एक अलग स्टालिन हैं और वह द्रमुक और तमिलनाडु को एक नए भविष्य की ओर ले जाएंगे.