नरेंद्र मोदी कैबिनेट का बुधवार के दिन विस्तार हुआ. इस दौरान जहां कई दिग्गजों से मंत्रालय का प्रभार वापस लिया गया वहीं कई नए चेहरों को मंत्रालय में जगह दी गई. इस बीच गुजरात से राज्यसभा सांसद मनसुख मंडाविया को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्वास्थय्य मंत्री पद की शपथ दिलाई. बता दें डॉ. हर्षवर्धन के स्थान पर मंडाविया को नया स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है.Also Read - स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने वैक्सीन को लेकर राहुल गांधी से कहा- आपको स्वास्थ्य कर्मियों पर गर्व करना चाहिए

बता दें कि मंडाविया ने इससे पहले बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग राज्य मंत्री और रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया है. साल 2016 में उन्हें केंद्रीय मंत्रिपरषद में बतौर राज्यमंत्री शामिल किया गया था. साल 2012 में वे राज्यसभा के लिए चुने गए और साल 2018 में फिर से राज्य सभा के लिए चुने गए. Also Read - अगले लोकसभा चुनाव को लेकर बोले रामदास अठावले, '2024 में खेला नहीं सत्ता के लिए मोदी का मेला होगा'

कौन हैं मनसुख मंडाविया Also Read - Lockdown in Kerala News: केरल में इन तारीखों को लगेगा फुल लॉकडाउन, केंद्र भेज रहा टीम

मनसुख मंडाविया सौराष्ट्र के भावनगर जिले के पलिताना तालुका के एक छोटे से गांव हनोल में एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार में जन्में थे. 28 साल की आयु में साल 2002 में वे सबसे कम उम्र के विधायक बने. मनसुख मंडाविया अपने पदयात्राओं के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने साल 2005 में एक विधायक के रूप में अपनी पहली यात्रा का आयोजन किया. इस दौरान उन्होंने लड़कियों की शिक्षा की वकालत करने के लिए पालीताना के 45 शैक्षिक रूप से पिछले गांवों से 123 किमी की दूरी तय की. वहीं दूसरी यात्रा में उन्होंने साल 2007 में की इस दौरान बेटी बचा और बेटी पढ़ाओ, और व्यासन हटाओ थीम के तहत पहयात्रा की. इस दौरान उन्होंने 127 किमी की यात्रा की.

बता दें कि साल 2019 में उन्होंने 150 किमी की पदयात्रा की इस दौरान महात्मा गांधी की विचारधारा और मूल्यों के प्रचार को लेकर उन्होंने सप्ताहभर पैदल यात्रा की और 150 गावों से होकर गुजरे. बता दें कि इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के पद पर डॉ. हर्षवर्धन थे लेकिन उनके स्थान पर अब मनसुख मंडाविया को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कार्यभार दिया गया है.