नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की न्यू इंडिया एश्योरेंस को देश भर में डॉक्टर और नर्स समेत स्वास्थ्य सेवा से जुड़े करीब 22 लाख लोगों को 50-50 लाख रुपए का बीमा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गयी है. स्वास्थ्य सेवा कर्मचारी फिलहाल कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के इलाज में दिन-रात जुटे हैं. Also Read - कोलकाता: मणिपुर की 185 नर्सों ने छोड़ी नौकरी, कहा- लोग हम पर थूकते हैं, जातिवादी ताने देते हैं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले सप्ताह बृहस्पतिवार को 1.70 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज के तहत डाक्टरों और चिकित्साकर्मियों को 50-50 लाख रुपये का बीमा कवर देने की घोषणा की थी. Also Read - अमेरिका में कोरोना से जंग लड़ते हुए भारतीय मूल के डॉक्‍टर पिता और बेटी की जान गई

वित्त मंत्रालय ने सोमवार को ट्विटर पर लिखा है,”वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 26 मार्च को स्वास्थ्य कर्मियों के लिए जो घोषणा की थी, उस बारे में न्यू इंडिया एश्योरेंस ने देश भर में 22.12 लाख स्वास्थ्य कर्मियों को 50-50 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश जारी किया है.” Also Read - नर्सों को दिल्ली-यूपी और हरियाणा की सीमाओं को पार करने में हो रही परेशानी, गृहमंत्री को लिखा खत

डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल कर्मचारी, साफ-सफाई से जुड़े कर्मचारी समेत कुछ अन्य बीमा कवर के दायरे में आएंगे. सीतारमण ने कहा था कि बीमा कवर तीन महीने के लिए होगा.

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव को लिखे पत्र में न्यू इंडिया एश्योरेंस ने कहा, ”हम पुष्टि करते हैं कि जेखिम कवर तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और यह 30 जून 2020 तक प्रभावी रहेगा.”

बीमा कंपनी के अनुसार प्रीमियम भुगतान प्रक्रिया शुरू हो गयी है. पॉलिसी के तहत कोरोना वायरस बीमारी के कारण मौत समेत व्यक्तिगत दुर्घटना कवर दिया जाएगा.

दावा प्रक्रिया के संदर्भ में कहा गया है कि बीमा कंपनी, वित्तीय सेवा विभाग और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय सरल और सुगम मानिक प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे.

सीतारमण ने योजना की घोषणा करते हुए कहा था कि सफाई कर्मचारी, ‘वार्ड ब्वाय’ नर्स, आशा कार्यकर्ता, पैरामेडिकल कर्मचारी, टैक्निशियन, डाक्टर और विशेषज्ञ तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी विशेष बीमा योजना के दायरे में आएंगे.

वित्‍तमंत्री ने कहा था, ”कोई भी स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना वायरस मरीज का इलाज करने के दौरान अगर हादसे का शिकार होता है, उसे योजना के तहत 50 लाख रुपए मिलेंगे.” वित्त मंत्री ने कहा था कि सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र, वेलनेस सेंटर और केंद्र एवं राज्यों के अस्पताल योजना के दायरे में आएंगे.