श्रीनगर: जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद इन दिनों छात्रों के लिए एक नई पहल की जा रही है. जिसमें आगामी परीक्षा से पहले वर्तमान अकादमिक सत्र के पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए शिक्षक स्कूलों की जगह घरों में विशेष कक्षाएं आयोजित कर रहे हैं. केंद्र सरकार द्वारा पांच अगस्त को लिए गए फैसले के बाद से ही जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान ख़त्म हो गए थे और इस राज्य को जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख दो केन्द्र शासित प्रदेश में विभाजित कर दिया गया था. उसके बाद से ही कश्मीर में पाबंदियां लगी हुई हैं.

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इन पाबंदियों के बीच बडगाम जिले के सेबदन इलाके में बच्चे कंधों पर बस्ता ले कर इन दिनों रोज़ ‘नए स्कूल’ की ओर निकल पड़ते हैं, ताकि परीक्षाओं से पहले अपने पाठ्यक्रम को पूरा कर सकें. निजी स्कूल के अध्यापक मोहम्मद अबीद का कहना है कि हम स्कूल के बजाय घर में विशेष कक्षाएं आयोजित कर रहे हैं, ताकि वर्तमान अकादमिक सत्र के पाठ्यक्रम को पूरा करने में छात्रों की मदद कर सकें. छात्रों द्वारा ‘नया स्कूल’ कहे जाने वाले इस घर में रोजाना सुबह आठ बजे से 11 बजे तक विशेष कक्षाएं आयोजित की जाती हैं.

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वहीं, आठवीं कक्षा के छात्र के पिता बशीर अहमद ने घर के बाहर अपने बेटे का इंतजार करते हुए कहा कि मेरा बेटा 14 साल का है और मैं नहीं चाहता कि उसकी पढाई में किसी भी प्रकार का कोई अड़चन आए. बशीर का यह इशारा बेमिना इलाके के आसपास के कुछ इलाकों में सुरक्षा बलों पर पथराव करने वाले बच्चों की ओर था. अभी कुछ दिनों पहले हुई इस घटना में शामिल अधिकतर बच्चों की उम्र 10 साल के करीब थी और वे विशेष कक्षाओं के लिए ही जा रहे थे.

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इसके अलावा सातवीं कक्षा के छात्र बिस्माह ने कहा कि इस तरह का स्कूल मुझे काफी अच्छा लगता है. इसमें स्कूल का माहौल भी हल्का-फुल्का होता है, ना ही वर्दी पहनने की चिंता होती है और ना ही कोई समय सारणी होता है. स्कूलों के दोबारा खुलने पर वहां भी ऐसा ही हो जाना चाहिए. इनमें से कुछ ऐसे छात्र भी हैं जो नियमित स्कूलों से जुड़ी बातों की कमी महूसस कर रहे हैं. आठवीं कक्षा के छात्र आतीफ नजीर ने कहा कि स्कूल सिर्फ नए पाठों का अध्ययन करने का स्थान नहीं होता बल्कि स्कूल छात्रों को उनके चरित्र निर्माण में भी मदद करता है.

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आपको बता दें कि सेबदन और नजदीकी बेमिना में भी ऐसे ही कई कक्षाएं आयोजित की जा रही है. घाटी में लगातार 65 दिन से जारी बंद के कारण बच्चों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हुई है. कश्मीर के संभागीय आयुक्त आधार खान ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि स्कूल तीन अक्टूबर को फिर से खुलेंगे जबकि कॉलेज में पढ़ाई नौ अक्टूबर से शुरू होगी. लेकिन बुधवार तक सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहे और उनके दोबारा खुलने को लेकर भी कोई सूचना नहीं दी गई है.