
Shivendra Rai
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले शिवेन्द्र राय को हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में 5 साल का अनुभव है. वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से इतिहास में एमए ... और पढ़ें
Vaishno Devi Darshan Niyam: अगर आप भी नए साल में माता वैष्णो देवी के दर्शन की योजना बना रहे हैं तो ये खबर आपके लिए ही है. श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने नव वर्ष के अवसर होने वाली संभावित भीड़ को देखते हुए नियमों में कुछ बदलाव किए हैं. श्रद्धालुओं को अब सख्त नियमों का पालन करना पड़ेगा. मंदिर में भीड़ प्रबंधन और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए ये कदम उठाए गए हैं.
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार, माता के दर्शन के लिए जाने वाले भक्तों को अब रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन कार्ड (RFIDC) बनवाने के 10 घंटे के अंदर मंदिर के लिए अपनी यात्रा शुरू कर देनी होगी. दर्शन के बाद वापस कटरा स्थित बेस कैंप 24 घंटे के अंदर लौटना होगा. ये नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं.
अब तक दर्शन के बाद वापसी और RFIDC कार्ड लेने के बाद यात्रा शुरू करने को लेकर खास नियम नहीं थे. पहले दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालु RFIDC कार्ड लेने के कई घंटे बाद यात्रा शुरू करते थे. वापसी को लेकर कड़े नियम न होने के कारण लोग मंदिर क्षेत्र के आस-पास ही कई दिनों तक रुक जाते थे.
जम्मू में कटरा कटरा पहुंचने पर तीर्थयात्रियों को सबसे पहले यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना होता है. यात्रा रजिस्ट्रेशन कटरा बस स्टैंड के पास यात्री रजिस्ट्रेशन काउंटर (YRC) पर किया जाता है. यात्रा रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन भी किया जा सकता है. रजिस्ट्रेशन का काम श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड करता है. कटरा बस स्टैंड पर स्थित जिस्ट्रेशन काउंटर पर हर यात्री का नाम, बेसिक जानकारी रजिस्टर करने के बाद मौके पर ही उसकी फोटो ली जाती है और उसे एक RFID यात्रा एक्सेस कार्ड जारी किया जाता है.
जो यात्री रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन कार्ड के बिना आगे बढ़ते हैं उन्हें बाणगंगा चेक पोस्ट से वापस भेज दिया जाता है. बिना RFID यात्रा एक्सेस कार्ड के मंदिर की तरफ जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है.
बता दें कि पवित्र त्रिकुटा पर्वत पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर परिसर की क्षमता सीमित है इसलिए एक दिन में 30 से 35 हजार यात्री ही दर्शन कर सकते हैं. ज्यादा भीड़ होने पर यात्रियों को कटरा में ही इंतज़ार करने के लिए कहा जाता है. वेटिंग के दौरान कोई यात्रा रजिस्ट्रेशन जारी नहीं किया जाता है.
बता दें कि हर साल वैष्णो देवी दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अब एक करोड़ से ज्यादा हो गई है. मां की पवित्र गुफा 5200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. यात्रियों को कटरा में बेस कैंप से लगभग 12 किमी की चढ़ाई करनी पड़ती है. अपनी तीर्थयात्रा के आखिर में, यात्रियों को पवित्र गुफा के अंदर गर्भगृह में देवी मां के दर्शन का आशीर्वाद मिलता है. ये दर्शन तीन प्राकृतिक चट्टानों के रूप में होते हैं जिन्हें पिंडियां कहा जाता है. श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड मंदिर का मैनेजमेंट और यात्रा का रेगुलेशन श्राइन बोर्ड ही संभालता है.
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