चंडीगढ़: अमृतसर में एक ट्रेन के शौचालय से नीचे बहाया गया एक नवजात शिशु चमत्कारिक रूप से जीवित बच गया. ट्रेन की सफाई के दौरान सफाईकर्मियों को ये नवजात मिला. सफाईकर्मियों को नवजात शिशु उस समय मिला जब वे अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन की शनिवार दोपहर में सफाई कर रहे थे. दरअसल, यह ट्रेन सफाई के लिए खड़ी की गई थी. ऐसा लग रहा था कि नवजात सिर्फ एक दिन का है, उसे ट्रेन के शौचालय में बहा दिया गया. बच्चे का अमृतसर सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है. डॉक्टर ने रविवार को कहा कि नंगे बदन पाया गया बच्चा खतरे से बाहर है. Also Read - अमरिंदर सिंह बोले- किसानों के हितों की रक्षा के लिए सभी विकल्पों को खंगाल रहा हूं

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सफाईकर्मियों ने जीआरपी से कहा कि नवजात के गले में एक दुपट्टा लिपटा मिला, जिससे यह संदेह पैदा हो रहा है कि शौचालय में इसे बहाने से पहले इसे गला घोंटकर मारने की कोशिश की गई. जीआरपी और पंजाब के अमृतसर के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं. रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फूटेज की जांच हो रही है, ताकि यह पता चल सके कि इसके पीछे कौन है.

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अमृतसर अस्पताल के एक डॉक्टर ने रविवार को कहा कि नंगे बदन पाया गया बच्चा खतरे से बाहर है. पुलिस अधिकारियों व चिकित्सकों ने कहा कि नवजात भाग्यशाली है कि फेंके जाने के बाद भी बच गया. मामले में जीआरपी ने आईपीसी की धारा 317 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ एक मामला दर्ज कर लिया है.