नई दिल्ली. भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से पूरे देश में शोक की लहर छा गई है. एक तरफ जहां पूर्व प्रधानमंत्री के आवास पर उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए नेता, अधिकारी से लेकर आम लोग तक पहुंच रहे हैं. वहीं दूसरी ओर, देश से बाहर के कई देशों के नेताओं और राष्ट्राध्यक्षों ने भारत के इस महान सपूत की मृत्यु पर शोक प्रकट किया है. पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के निधन को लेकर आज के अखबारों में भी विशेष लेख, आलेख और तस्वीरें प्रकाशित की गई हैं. देश के विभिन्न राज्यों के अखबारों में अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित लेखों के जरिए प्रिंट मीडिया ने पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की है. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने वाजपेयी के निधन को जहां ‘देश की क्षति ( A Nation’s Loss)’ बताया है, वहीं हिन्दी के प्रमुख अखबार हिन्दुस्तान ने ‘अनंत यात्रा पर अटल’ शीर्षक से खबर लगाई है. कोलकाता से प्रकाशित होने वाले अंग्रेजी अखबार टेलीग्राफ ने जहां गुजरात दंगों के समय वाजपेयी के दिए चर्चित बयान को आधार बनाते हुए ‘Rajdharma Reminder’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की है, वहीं दिल्ली से छपने वाले अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स ने ‘Kavi, Alvida Na Kahna (कवि, अलविदा न कहना)’ शीर्षक से खबर लगाई है. आइए इन अखबारों पर डालते हैं एक नजर. Also Read - आने वाला कल न भुलाएं, आओ फिर से दीया जलाएं... PM मोदी की अपील में है अटल बिहारी वाजपेयी की इस कविता की झलक

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भाषाई सीमा से परे थे वाजपेयी

देश में पहली बार प्रधानमंत्री के पद पर गैर कांग्रेसी नेता के रूप में पहुंचने वाले अटल बिहारी वाजपेयी की राजनैतिक छवि इतनी व्यापक थी कि विपक्षी पार्टियों में भी उनका सम्मान करने वालों कमी नहीं थी. यही वजह है कि वे सच्चे अर्थों में देश के जननेता कहे गए. अटल बिहारी वाजपेयी के बोलचाल की भाषा हिन्दी थी, वहीं बतौर पत्रकार और राजनेता, अंग्रेजी भाषा पर भी उनकी शानदार पकड़ थी. अपने भाषणों के लिए वे ज्यादातर हिन्दी का ही उपयोग करते थे, खास मौकों या विदेश दौरों के समय अंग्रेजी का इस्तेमाल होता था, लेकिन यह उनका व्यक्तित्व ही है कि वे देश के विभिन्न भाषाई क्षेत्रों में भी हिन्दी प्रदेशों के समान ही लोकप्रिय थे. आज उनके निधन के बाद हिन्दी और अंग्रेजी से इतर, भाषाई अखबारों में भी उनके निधन पर हिन्दी-अंग्रेजी अखबारों की तरह ही खबर, लेख या आलेख प्रकाशित किए गए हैं. कन्नड़ भाषा के प्रमुख अखबार विजय कर्नाटक ने वाजपेयी के निधन पर ‘हिन्दुस्तानवो एंदु मरेयदु (हिन्दुस्तान उन्हें कभी नहीं भूलेगा)’ शीर्षक से खबर लगाई है. वहीं कोलकाता से प्रकाशित बांग्ला भाषा के अखबार आजकाल ने ‘भारतरत्न वाजपेयी प्रयात (भारतरत्न वाजपेयी नहीं रहे)’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की है.