नई दिल्ली. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 की रिपोर्ट आ गई है. रिपोर्ट के ढेर सारे आंकड़ों में से शराब पीकर पत्नियों के साथ मार-पीट करने वाले पतियों का आंकड़ा चिंताजनक है. रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में आज भी 19 फीसदी महिलाओं को घरेलू हिंसा, जिसमें मानसिक और यौन हिंसा दोनों शामिल है, का शिकार होना पड़ता है. इसमें 67 प्रतिशत महिलाएं उन पतियों की प्रताड़ना का ज्यादा शिकार होती हैं जो शराब पीते हैं. वहीं बिहार में यह आंकड़ा और भी ज्यादा है. बिहार में 39 प्रतिशत महिलाएं घरेलू हिंसा से पीड़ित हैं. इन 39 प्रतिशत महिलाओं में 83 फीसदी को शराबी पतियों की प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है. दोनों राज्यों में शराब पीकर पत्नी के साथ मारपीट करने वाले पुरुषों की संख्या का यह आंकड़ा चौंकाने वाला है, क्योंकि इन दोनों ही प्रदेशों में शराबबंदी है. गुजरात में 1960 से जबकि बिहार में 1 अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी का कानून लागू है.

गुजरात के संदर्भ में रिपोर्ट बताती है कि घरेलू हिंसा की शिकार 19 प्रतिशत महिलाओं में से 72 फीसदी को समय पर मदद भी नहीं मिल पाती है. उन्हें घर में या घर से बाहर हिंसा से बचाने के लिए कोई आगे नहीं आता. यहां तक कि सिर्फ 4 प्रतिशत महिलाओं को ही पुलिस की सहायता मिल पाती है. हिंसा के समय या बाद में सहायता मिल पाने में बिहार के आंकड़े भी चिंताजनक हैं. क्योंकि बिहार में प्रताड़ित महिलाएं मदद के लिए किसी के सामने आवाज भी नहीं उठा पाती हैं. वहीं, राज्य में सिर्फ 3 प्रतिशत महिलाओं को घरेलू हिंसा के मामलों में पुलिस की मदद मिल पाती है. गौरतलब यह है कि बिहार में 20 प्रतिशत महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान भी घरेलू प्रताड़ना का दर्द सहना पड़ता है. वहीं गुजरात में यह आंकड़ा महज 2 फीसदी है.

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट में गुजरात में शराब से प्रताड़ित महिलाओं की रिपोर्ट. (फोटो साभारः स्वास्थ्य मंत्रालय)

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट में गुजरात में शराब से प्रताड़ित महिलाओं की रिपोर्ट. (फोटो साभारः स्वास्थ्य मंत्रालय)

 

2015-16 में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कराया हेल्थ सर्वेक्षण
भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 वर्ष 2016 के विभिन्न महीनों के दौरान दोनों राज्यों में कराया है. गुजरात में 30 जनवरी से 30 जून 2016 तक राज्य के सभी 26 जिलों में यह सर्वे कराया गया. इसमें 20 हजार से ज्यादा घरों की 22 हजार से अधिक महिलाओं की राय जानी गई. वहीं बिहार में यह सर्वे कार्य गुजरात से पहले कराया गया. बिहार में स्वास्थ्य मंत्रालय ने 16 मार्च 2015 से 8 अगस्त 2015 के बीच राज्य के सभी 38 जिलों में हेल्थ सर्वेक्षण कराया. इसमें 36 हजार घरों की 45 हजार से ज्यादा महिलाओं से बातचीत के बाद सर्वे रिपोर्ट तैयार किया गया.

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट में बिहार में शराब से प्रताड़ित महिलाओं की रिपोर्ट. (फोटो साभारः स्वास्थ्य मंत्रालय)

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट में बिहार में शराब से प्रताड़ित महिलाओं की रिपोर्ट. (फोटो साभारः स्वास्थ्य मंत्रालय)

 

रिपोर्ट की कुछ खास बातें
1. गुजरात में 4 प्रतिशत महिलाओं ने बताया कि यौन संबंध बनाने में पति जबर्दस्ती करते हैं. वहीं बिहार में 11 प्रतिशत महिलाओं ने ऐसे अनुभव बताए.
2. बिहार की 13 से 22 फीसदी महिलाओं ने घर में पतियों द्वारा धक्का देने, हाथ मरोड़ने या उन पर कुछ भी फेंकने की शिकायत की, जबकि गुजरात में ऐसी महिलाओं का प्रतिशत 5 से 9 फीसद तक है.
3. गुजरात में 18 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि पति थप्पड़ मारते हैं, वहीं बिहार में यह आंकड़ा 37 प्रतिशत है.
4. बिहार में 32 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि उनके पति शराब नहीं पीते हैं, वहीं गुजरात में सिर्फ 17 प्रतिशत महिलाओं ने इस बात पर हामी भरी.
5. गुजरात में 48 प्रतिशत महिलाओं ने बताया कि उनके पति कभी-कभी शराब पीते हैं, वहीं बिहार की 64 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि उनके पति कभी-कभार शराब पीते हैं. बिहार में 57 प्रतिशत महिलाओं ने यह भी बताया कि उनके पति शराब तो पीते हैं, लेकिन कभी भी नशे में टल्ली नहीं होते हैं.