नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में ऑड ईवन पर सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार का पक्ष रखने के लिए आज कोई वकील नहीं था. इसे लेकर एनजीटी ने सख्त नाराजगी दिखाई और केजरीवाल सरकार को कड़ी फटकार लगाई. एनजीटी ने पूछा कि इतने महत्वपूर्ण मामले पर दिल्ली सरकार का पक्ष रखने के लिए उसका कोई वकील क्यों नहीं मौजूद है?Also Read - Delhi Air Pollution: दिल्ली की आबो-हवा आज भी 'बहुत खराब', हर सांस में घुल रहा प्रदूषण का जहर

आज सुनवाई के दौरान एनजीटी ने दिल्ली सरकार से पूछा कि क्या ऑड-ईवन पर पुनर्विचार याचिका को बारे में सिर्फ मीडिया को ही जानदारी देनी थी? हालांकि, बाद में दिल्ली सरकार के वकील ने एनजीटी में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी जिसमें कहा गया कि ऑड ईवन से महिलाओं और बाइकर्स को छूट दी जाए. इससे पहले दिल्ली सरकार ने एनजीटी में कहा था कि वह महिलाओं को छूट दिए बिना इसे लागू नहीं कर सकती. Also Read - Delhi Pollution: सावधान, आपके पास गाड़ी का PUC सर्टिफिकेट नहीं है, पेट्रोल पंप पर 10 हजार का चालान कटना तय!

वहीं, दिल्ली की हवा अब भी खतरनाक स्तर पर बनी हुई है. स्मॉग के चलते लोगों को दिक्कतें हो रही हैं. दिल्ली में स्मॉग बढ़ने के कारण सरकार ने दिल्ली में सभी स्कूलों को शनिवार तक बंद रखने के आदेश दिए थे. सोमवार से सभी स्कूल खुल गए हैं. लेकिन हालात में अब भी सुधार नहीं आया है. वहीं, पराली जलाने के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है. 

delhi schools reopen today | 5 दिन की छुट्टी के बाद आज खुले दिल्ली के स्कूल, गुरुग्राम में आज भी बंद

delhi schools reopen today | 5 दिन की छुट्टी के बाद आज खुले दिल्ली के स्कूल, गुरुग्राम में आज भी बंद

Also Read - Delhi AQI: आज भी जहरीली हवा में हांफने पर मजबूर दिल्ली, एयर क्वालिटी इंडेक्स बजा रहा खतरे की घंटी

बता दें कि एनजीटी ने निर्देश दिया था कि ऑड ईवन का नियम सभी गाड़ियों पर लागू होना चाहिए चाहे बाइक हो या महिलाओं का मामला. वीवीआईपी के साथ-साथ महिलाओं और बच्चों को भी छूट नहीं दी जाएगी. इसके बाद केजरीवाल सरकार नें इसे लागू नहीं करने का निर्णय लिया था.