नई दिल्ली: एनजीटी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के काली, कृष्णा और हिंडन नदियों के गहन सर्वेक्षण के आदेश दिए हैं और 316 उद्योगों के निरीक्षण का निर्देश दिया है जो कथित तौर पर जलाशयों को दूषित कर रहे हैं. गैर सरकारी संगठन की याचिका पर यह आदेश आया है जिसमें आरोप लगाया गया है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कैंसर से 50 ग्रामीणों की मौत हो चुकी है.
कार्यवाहक अध्यक्ष न्यायमूर्ति यू डी सालवी ने एक समिति का गठन किया जिसमें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उत्तरप्रदेश जल निगम के अधिकारी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संयुक्त रूप से नदियों और जलाशयों का सर्वेक्षण करेंगे.
पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘वे नमूने एकत्रित करेंगे, इस तरह के नमूनों का विश्लेषण केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की प्रयोगशाला में किया जाएगा. ’’ राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) गैर सरकारी संगठन दोआबा पर्यावरण समिति के प्रमुख सी वी सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रही थी.
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