नई दिल्ली। ऑड-ईवन को लेकर दिल्ली की आप सरकार से एनजीटी ने तीखे सवाल पूछे हैं. एनजीटी के रुख से ऑड-ईवन पर तलवार लटकती दिख रही है. एनजीटी ने केजरीवाल सरकार से सिर्फ 5 दिन के लिए ही ये नियम लागू करने के औचित्य पर सवाल पूछा है. एनजीटी ने आप सरकार से कल इस पर जवाब देने को कहा है.Also Read - Mukhyamantri Tirth Yatra Yojana: दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना में करतारपुर साहिब को शामिल किया

एनजीटी ने दिल्ली सरकार से पूछा कि बाइकर्स को इस नियम से अलग क्यों रखा गया है? आपने एक साल तक इस पर कुछ नहीं किया और अब अचानक 5 दिन के लिए इसे क्यों लागू किया जा रहा है? आपका तरीका वैज्ञानिक नहीं है. इससे लोगों को और असुविधा होगी. जब सब ठीक होने लगा तो आप ये कर रहे हैं. Also Read - Mukhyamantri Tirth Yatra Yojna 2021: दिल्ली से 3 दिसंबर को ट्रेन से रवाना होगा तीर्थयात्रियों का पहला जत्था, अरविंद केजरीवाल का ऐलान

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एनजीटी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 100 उपाय सुझाए थे जिनमें से ऑड-ईवन भी एक था. बच्चों को अगर हम साफ हवा नहीं दे पा रहे हैं तो ये पाप है.  अब दिल्ली सरकार को कल एनजीटी कोर्ट में इन सवालों का जवाब देना है.  इसके बाद ही ऑड-ईवन लागू करने पर आखिरी फैसला लिया जाएगा.  

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एनजीटी ने कहा कि दिल्ली सरकार साबित करे कि ऑड-ईवन स्कीम लाभकारी रही अन्यथा हम इस पर रोक लगा देंगे. एनजीटी ने निर्देश दिया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों पर 1 लाख रुपया जुर्माना लगाया जाए. साथ ही निर्देश दिए कि अब कहीं भी पराली नहीं जलाई जानी चाहिए, अगर एनजीटी को इसके बारे में पता चलता है तो संबंधित अधिकारियों की सेलरी से जुर्माना काटा जाए.

बता दें कि एनजीटी ने गुरुवार को स्मॉग को लेकर दिल्ली सरकार को जमकर फटकार लगाई. एनजीटी ने कहा कि इस मामले से जुड़े सभी पक्षों के लिए ये शर्मनाक है कि वो आने वाली पीढ़ी के लिए क्या संदेश दे रहे हैं. एनजीटी ने स्मॉग से निपटने के लिए कई अहम निर्देश भी जारी किए.