एनजीटी ने लगाई अमरनाथ श्राइन बोर्ड को फटकार, पूछा- क्यों नहीं है यात्रियों के लिए उचित सुविधाएं?

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने दक्षिण कश्मीर में हिमालय में स्थित पवित्र गुफा तक जाने वाले तीर्थयात्रियों को उचित बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने के लिए अमरनाथ श्राइन बोर्ड को फटकार लगाई.

Published date india.com Updated: November 15, 2017 5:15 PM IST
NGT Scolds Amarnath Shrine Board For Lack Of Proper Infrastructure For Pilgrims | एनजीटी ने लगाई अमरनाथ श्राइन बोर्ड को फटकार, पूछा क्यों नहीं है यात्रियों के लिए उचित सुविधाएँ
फाइल फोटो

नई  दिल्ली। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने दक्षिण कश्मीर में हिमालय में स्थित पवित्र गुफा तक जाने वाले तीर्थयात्रियों को उचित बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने के लिए अमरनाथ श्राइन बोर्ड को फटकार लगाई. एनजीटी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा साल 2012 में दिए गए निर्देशों का पालन नहीं करने पर नाराजगी व्यक्त की है. एनजीटी ने बोर्ड से पूछा कि इन वर्षों में उसने लोगों की सुविधाओं को ध्यान रखते हुए क्या कदम उठाए हैं.

न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि मंदिर के नजदीक आपने दुकानें खोलने की इजाजत दे रखी है. शौचालय की कोई उचित सुविधा नहीं है. क्या आप जानते हैं कि महिलाओं के लिए यह कितनी परेशानी की बात है. आपने तीर्थयात्रियों को उचित बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध क्यों नहीं कराई. आप तीर्थयात्रियों की सुविधाओं की बजाए व्यवसायिक गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं. आपको मंदिर की पवित्रता का ख्याल रखना चाहिए. हरित अधिकरण ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया है जो तीर्थयात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने संबंधी कार्ययोजना पेश करेगी.

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पीठ ने कहा कि समिति को जांच के बाद उचित मार्ग, गुफा के आसपास के स्थल को साइलेंट जोन घोषित करने और मंदिर के पास स्वच्छता बनाए रखने जैसी चीजों पर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया. समिति से इलाके में इको-फ्रेंडली शौचालय के निर्माण के बारे में विचार करने के लिए भी कहा गया है.

अधिकरण ने यह निर्देश पर्यावरण कार्यकर्ता गौरी मौलेखी की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए और कहा कि शीर्ष अदालत के 2012 के निर्देशों के अनुपालन संबंधी स्थिति रिपोर्ट दिसंबर के पहले हफ्ते में पेश की जाए.

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