नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने हैदराबाद में एक वेटरनरी डॉक्‍टर से गैंगरेप और फिर उसकी हत्या कर देने के चारों आरोपियों के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने का शुक्रवार को संज्ञान लिया और मामले की जांच के आदेश दिए. एनएचआरसी ने कहा कि आज हुई यह मुठभेड़ चिंता का विषय है. हैदराबाद बलात्कार एवं हत्याकांड की शिकार महिला को ‘दिशा’ नाम दिया गया है और दिल्ली में बलात्कार की शिकार हुई युवती को ‘निर्भया’ नाम दिया गया था.

एनएचआरसी ने अपने महानिदेशक (जांच) से कहा है कि वह इस मामले की जांच के लिए तुरंत एक टीम भेजें. एक एसएसपी की अध्यक्षता में आयोग के जांच प्रभाग की टीम से उम्मीद की जाती है कि वे शीघ्र ही रवाना होंगे और जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे.

इस संबंध में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना सुबह साढ़े छह बजे की है. जांच के लिए पुलिस आरोपियों को घटनाक्रम की पुनर्रचना के लिए घटनास्थल पर ले गई थी.

पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि उन्होंने (आरोपियों) पुलिस से हथियार छीने और पुलिस पर गोलियां चलाईं. आरोपियों ने भागने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस ने जवाब में गोलियां चलाईं. इस दौरान चारों आरोपी मारे गए. पुलिस अफसर ने दावा किया कि इस घटना में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं.

इस घटना की कई लोगों ने प्रशंसा की जबकि कुछ लोगों ने इस न्यायेतर कार्रवाई पर चिंता जाताई है.
– हैदराबाद में पशु चिकित्सक युवती से बलात्कार और उसकी हत्या कर देने के चारों आरोपियों की आयु 20 से 24 वर्ष थी.
– इन आरोपियों लॉरी चालक था और बाकी हेल्पर थे
– वेटनरी डॉक्‍टर से रेप के आरोप में 29 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था
– आरोपियों ने गैंगरेप के बाद डॉक्‍टर युवती की गला दबाकर हत्या कर दी थी और बाद में शव को जला दिया था.
– कोर्ट ने इन आरोपियों सात दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था.

रेप पी‍ड़िता के परिवार ने पुलिस को शुक्र‍िया कहा
आरोपियों के मुठभेड़ में मारे जाने से मृतका का परिवार खुश है और इसके लिए उन्होंने पुलिस तथा तेलंगाना सरकार का शुक्रिया भी अदा किया. मृतका के पिता ने कहा, हमने टीवी पर देखा कि वे मुठभेड़ में मारे गए. हम खुश हैं. लोग भी खुश हैं. मैं मुठभेड़ के लिए तेलंगाना सरकार और पुलिस का शुक्रिया अदा करता हूं. मैं हमारे साथ खड़े रहे सभी लोगों का शुक्रिया करता हूं.

बहन ने कहा- अपराध करने वालों में डर उत्पन्न होगा
गैंगरेप की शिकार डॉक्‍टर की बहन ने उम्मीद जताई कि इस मुठभेड़ से महिलाओं के खिलाफ ऐसे अपराध करने वालों में डर उत्पन्न होगा. उन्होंने कहा, हम खुश हैं. हमें इसकी उम्मीद नहीं थी. हमें लगा था कि उन्हें अदालत के जरिए फांसी मिलेगी.  मृतका की बहन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमारे साथ खड़े रहे हर एक शख्स का हम शुक्रिया करते हैं. इस घटना के बाद लोगों को ऐसी घटनाएं (महिलाओं के खिलाफ) करने से डरना चाहिए. ’’

निर्भया के मां पिता ने भी जताई खुशी
निर्भया की मां ने अधिकारियों ने अपील की कि मुठभेड़ में शामिल पुलिसवालों के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए. निर्भया के पिता ने भीखुशी व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार का न्याय के लिए इंतजार जल्दी खत्म हो गया. उन्होंने कहा, हैदराबाद की डॉक्‍टर के  परिवार को हमारी तरह न्याय के लिए सात वर्ष का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. पुलिस ने सही किया. बता दें दिल्ली में 23 वर्षीय पैरा-चिकित्सक छात्रा निर्भया के साथ दिसम्बर 2012 में सामूहिक बलात्कार किया गया था और कुछ दिन इलाज के बाद उसने सिंगापुर के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था.

लोगों ने मनाया जश्‍न, महिलाओं ने पुलिस‍कर्मियों को खिलाई मिठाई
मुठभेड़ स्थल पर कई लोगों ने एकत्र होकर जश्न मनाया और पुलिस को बधाई दी. लोगों ने ‘तेलंगाना पुलिस जिंदाबाद’ के नारे लगाए. कुछ महिलाओं को पुलिसकर्मियों को मिठाई बांटते भी देखा गया.

देर आए दुरुस्त आए: जया बच्‍चन
सपा सांसद जया बच्चन ने कहा- देर आए दुरुस्त आए. बच्चन ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं द्वारा इस मुठभेड़ पर अपनी संक्षिप्त प्रतिक्रिया में कहा, ” बहुत देर कर दी. देर आए दुरुस्त आए.” बच्चन ने राज्यसभा में महिला हिंसा से के गंभीर मामलों के आरोपियों को भीड़ के हवाले कर देने का सुझाव देते हुए बर्बरता करने वालों के साथ कठोरतम रवैया अपनाने की बात कही थी.उन्नाव सहित अन्य स्थानों पर भी महिलाओं से बलात्कार के बाद निर्मम हत्या के मामलों में आरोपियों के साथ हैदराबाद पुलिस की तरह ही रवैया अपनाने के सवाल पर बच्चन ने कहा, ”मैं कुछ नहीं कहूंगी.”

हैदराबाद पुलिस से यूपी द‍िल्‍ली की पु‍ल‍िस सीख लें: मायावती 
बसपा अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, तेलंगाना और देश के अन्य राज्यों में महिला उत्पीड़न, बलात्कार और उन्हें जिन्दा जलाकर मारने जैसी जघन्य घटनाओं को दुःखद बताते हुए कहा कि यूपी द‍िल्‍ली की पु‍ल‍िस ऐसे आपराधिक तत्वों को सरकारी मेहमान बनाकर उनकी आवभगत करने के बजाए हैदराबाद पुलिस की तरह सख्त कानूनी कार्रवाई करती है तो ऐसे अपराधों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है.

पुलिस को सलाम. न्याय हो गया: कांग्रेस नेता
गोवा प्रदेश महिला कांग्रेस प्रमुख प्रतिमा कौटिन्हो ने कहा, ” हैदराबाद पुलिस को सलाम. न्याय हो गया.” उन्होंने कहा, अब मृतका की आत्मा को शांति मिलेगी.

न्यायेतर हत्याएं स्वीकार्य नहीं: शशि थरूर
कांग्रेस नेता एवं लोकसभा सांसद शशि थरूर ने ट्वीट किया, ”सैद्धांतिक रूप से सहमत हूं. हमें और जानने की जरूरत है, उदाहरण के लिए अगर आरोपियों के पास हथियार थे तो पुलिस का गोली चलाना सही था. विस्तृत जानकारी मिलने तक इसकी निंदा करना सही नहीं है, लेकिन कानून के समाज में न्यायेतर हत्याएं स्वीकार्य नहीं हैं.”

भयानक परिपाटी शुरू होगी: मेनका गांधी
बीजेपी सांसद नेता मेनका गांधी ने संसद भवन परिसर में कहा, जो भी हुआ बहुत भयानक हुआ है इस देश के लिए…आप लोगों को इसलिए नहीं मार सकते क्योंकि आप ऐसा करना चाहते हैं. आप कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकते, उन्हें (आरोपियों को) अदालत से तो फांसी मिलनी ही थी.”

न्याय उचित कानूनी तरीके से किया जाना चाहिए: रेखा शर्मा
राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख रेखा शर्मा ने कहा कि आरोपियों के मारे जाने से खुश हूं, लेकिन न्याय उचित कानूनी तरीके से किया जाना चाहिए. कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी इस मुठभेड़ पर सवाल किए और निष्पक्ष जांच की अपील की.

पुलिस ने मॉब ल‍िंंचिंग के नेताओं की तरह काम किया: कविता कृष्णन
अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संघ की सचिव कविता कृष्णन ने कहा, महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने में सरकार की नाकामी के बारे में हमारे सवालों का जवाब देने और अपने काम के लिए जवाबदेह बनने के बजाए तेलंगाना के मुख्यमंत्री और उनकी पुलिस ने पीट-पीट कर हत्या करने वाली भीड़ के नेताओं की तरह काम किया है. उन्होंने कहा कि इस मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ अभियोग चलाया जाना चाहिए.

मामले में उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता: एनएफआईडब्ल्यू
‘नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वुमन’ (एनएफआईडब्ल्यू) की महासचिव एनी राजा ने कहा, देश में सभी कानून मौजूद होने के बावजूद सरकारें इन्हें लागू करने में नाकाम हो रही हैं. निश्चित ही यह ध्यान भटकाने के लिए किया गया. यह मामले से ध्यान भटकाने की कोशिश है. इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है.

मानवाधिकार कार्यकर्ता ने कहा- यह पूरी तरह अस्वीकार्य
वकील एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता वृंदा ग्रोवर ने इस घटना को पूरी तरह अस्वीकार्य करार दिया. उन्होंने इस मामले में एक स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की. ‘अनहद’ (एक्ट नाउ फॉर हारमनी एंड डेमोक्रेसी) की संस्थापक सदस्य शबनम हाशमी ने भी इस बात पर सहमति जताई कि यह लोगों का ध्यान खींचने की सरकार की कोशिश हो सकती है.

न्याय प्रणाली से विश्वास उठना चिंता का विषय है: केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि देश जहां एक ओर हैदराबाद पशु-चिकित्सक से सामूहिक बलात्कार और उसकी हत्या के आरोपियों के मुठभेड़ में मारे जाने की खुशी मना रहा है, वहीं, न्याय प्रणाली से लोगों का विश्वास उठ जाना भी एक चिंता का विषय है.