नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक किशोरी को कथित रूप से आठ दिन तक हिरासत में रखने की खबरों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक को एक नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब तलब किया है. एनएचआरसी ने कहा है कि किशोरी से वहां कथित तौर पर मारपीट की गई, उसे सिगरेट से जलाया गया और बिजली के झटके दिए गए.

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आयोग ने नोटिस में कहा है कि अगर ये खबरें सही हैं तो “यह पुलिसकर्मियों की क्रूरता को दर्शाता है जिसके लिए वह सख्त सजा के पात्र हैं ताकि यह संदेश दिया जा सके कि लोकसेवकों द्वारा किए गए इस तरह के अमानवीय कृत्य किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जा सकते. इसमें कहा गया कि कानून पुलिसकर्मियों को किसी बेगुनाह नागरिक को परेशान करने या नुकसान पहुंचाने की शक्ति नहीं देता. आयोग ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर इस संबंध में चार हफ्ते के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

मीडिया रिपोर्ट के बाद लिया संज्ञान
एनएचआरसी ने कहा कि उन्हें (पुलिस प्रमुख) पीड़िता के पुनर्वास या परामर्श के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी रिपोर्ट भेजने को कहा गया है. मीडिया में कल सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक किशोरी एक घरेलू सहायिका के तौर पर काम करती थी. उसके नियोक्ता द्वारा उस पर चोरी का इल्जाम लगाने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था. (इनपुट एजेंसी)