नई दिल्ली: कोरोना वायरस लॉकडॉउन के बीच हाल ही में एक गर्भवती महिला अपने पति के साथ नासिक से सतना के लिए पैदल ही निकली थी और इसी दौरान रास्ते में महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दिया था. इसके बाद महिला ने सिर्फ दो घंटे आराम किया और इसके बाद बाकी 150 किलोमीटर की यात्रा पर निकल पड़ी थी. इस मामले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संज्ञान देते हुए महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जा किया है.Also Read - Omicron को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के सलाहकार फाउची ने कहा, चिंता की बात नहीं...

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने ये कदम महाराष्ट्र के नासिक से पैदल चलकर मध्य प्रदेश के सतना जा रही गर्भवती महिला द्वारा सड़क पर बच्चे के जन्म की खबरों का संज्ञान लेते हुए उठाया है. अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि एनएचआरसी ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है. आयोग ने इस घटना को ‘मातृत्व का अनादर’ करार दिया. Also Read - Omicron In India: चार दिन-5 राज्य-21 मरीज, वैक्सीनेटेड भी ओमिक्रॉन पॉजिटिव, ये लक्षण आए हैं सामने..

रिपोर्ट के मुताबिक, गर्भवती महिला अपने पति के साथ नासिक से सतना के लिए पैदल ही निकली थी और इसी दौरान रास्ते में महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दिया. एनएचआरसी ने एक बयान में कहा कि बच्चे को जन्म देने के बाद महिला ने सिर्फ दो घंटे आराम किया और इसके बाद बाकी 150 किलोमीटर की यात्रा शुरू की. Also Read - Rapid RT-PCR Testing: अब सिर्फ 30 मिनट में आ जाएगी RT-PCR रिपोर्ट, कोरोना रोकथाम में मिलेगी मदद

आयोग ने इस घटना को राज्य के अधिकारियों की सरासर लापरवाही माना, जिसके कारण पीड़ित महिला के मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ. बयान के मुताबिक, गरीब महिला के जीवन और सम्मान के अधिकारों का घोर उल्लंघन हुआ.

जारी नोटिस के मुताबिक, आयोग ने दोनों राज्य के मुख्य सचिवों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है. साथ ही महिला और उसके बच्चे के स्वास्थ्य की स्थिति और यदि राज्य सरकारों की तरफ से कोई सहायता पीड़ित परिवार को मुहैया करायी गई है, तो उसका भी ब्यौरा देने को कहा है.