नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने वर्ष 2013 से 2017 के बीच आवासीय जवाहर नवोदय विद्यालय में दलित छात्रों सहित 49 विद्यार्थियों की आत्महत्या के मामले में मानव संसाधन विकास मंत्रालय को नोटिस भेजा है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ”सात मामलों को छोड़कर अन्य सभी मामलों में कथित आत्महत्या फांसी से लटककर की गयी और शव या तो सहपाठियों ने या स्कूलकर्मियों को मिले.”

मानव अधिकार निकाय ने कहा, ”एनएचआरसी ने वर्ष 2013 से वर्ष 2017 के बीच पांच वर्षों में आवासीय जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) के 49 छात्रों के परिसर में आत्महत्या करने संबंधी मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया है.” बयान में कहा गया है कि इनमें से आधे छात्र दलित एवं जनजातीय थे. आत्महत्या करने वालों में अधिकतर लड़के थे. एनएचआरसी ने कहा कि आयोग ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव को नोटिस जारी किया है.

बयान में कहा गया है कि आयोग ने सचिव से छह सप्ताह में जवाब तलब करते हुए पूछा है कि क्या परिसर में ऐसे प्रशिक्षित सलाहकार उपलब्ध हैं, जिनसे किशोर छात्र खुलकर बात कर सकें और उनके साथ अपनी भावनाएं साझा कर सकें. उसने कहा कि इस बारे में भी जानकारी मांगी गई है कि क्या यह सुनिश्चित करने के लिए स्टाफ उपलब्ध है कि कोई भी छात्र अपने कमरे में अकेला नहीं हो और क्या उनके लिए टेलीफोन काउंसलिंग के जरिए आपात सहायता और आत्महत्या हॉटलाइन सेवाएं उपलब्ध हैं या नहीं.