नई दिल्ली: यौन उत्पीड़न की “बढ़ती घटनाओं” पर गंभीर चिंता जताते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सोमवार को केंद्र तथा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया और उनसे ऐसे मामलों से निपटने के मानक तौर-तरीकों तथा निर्भया फंड के इस्तेमाल के बारे में जानकारी मांगी.

आयोग ने पाया है कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, जिसका सबसे बड़ा लिखित संविधान है और जिसके पास लैंगिक समानता की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है, उसकी आज “महिलाओं के लिए सर्वाधिक असुरक्षित माहौल” के लिए आलोचना की जा रही है.

एनएचआरसी ने एक बयान में यौन उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई और इस संबंध में मीडिया रिपोर्ट पर खुद संज्ञान लेते हुए केंद्र, राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया. नोटिस में इस तरह के अपराधों से निपटने के उपायों तथा निर्भया फंड के इस्तेमाल के बारे में जानकारी मांगी गई है. आयोग का मानना है कि महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा का खात्मा करने के लिए सभी भागीदारों को साथ आकर काम करने की जरूरत है.

(इनपुट भाषा)