नई दिल्ली: साल 2007 में ब्रिटेन के ग्लासगो एयरपोर्ट पर हुए हमले के संबंध में एनआईए के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है. जांच एजेंसी ने लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के एक आतंकी को उस वक्त गिरफ्तार किया, जब उसे सऊदी अरब से भारत लाया गया है.Also Read - Jammu and Kashmir: आतंकवाद रोधी अभियान में गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकवादी की मौत, तीन सुरक्षाकर्मी घायल

अधिकारियों ने शनिवार को इसकी जानकारी दी. जांच से जुड़े एनआईए के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, शबील अहमद को शुक्रवार देर रात भारत लाया गया. लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी को दिल्ली के एक अदालत में इसी दिन पेश किया जाएगा. उसे ट्रांजिट रिमांड पर आगे की जांच के लिए बेंगलुरु सहित अन्य स्थानों पर ले जाया जाएगा. Also Read - IND vs PAK, T20 World Cup 2021: Jasprit Bumrah के पास 'गोल्डन चांस', इतिहास रचने की दहलीज पर

एनआईए के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, अहमद साल 2010-11 में बेंगलुरु से सऊदी अरब चला गया था. साल 2007 में उसे इस हमले के सिलसिले में गिरफ्तार भी किया गया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. Also Read - IND vs PAK, T20 World Cup 2021: भारतीय खिलाड़ियों को नींद की गोलियां खिलाकर जीतेगा पाकिस्तान! Shoaib Akhtar ने दी 'अनोखी' सलाह

अधिकारी ने बताया कि अहमद ब्रिटेन एयरपोर्ट पर हुए हमले के मास्टरमाइंड काफिल अहमद का चचेरा भाई है.एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि इसके अलावा साल 2015 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा दर्ज एक मामले में भी अहमद वांछित था और 12 जुलाई, 2016 को दिल्ली की एक अदालत द्वारा अपराधी घोषित किया गया था.

अगस्त 2017 में, भारतीय एजेंसियों द्वारा भारतीय उपमहाद्वीप में मौजूद अलकायदा के संगठन (एक्यूआईएस) के एक अन्य सदस्य सैयद मोहम्मद जीशान अली को सऊदी अरब से यहां लाया था. यह माना जाता है कि उसकी शादी अहमद की ही बहन से हुई है.

अधिकारी ने कहा कि दिसंबर, 2015 में कटक के मौलवी अब्दुल रहमान संग कई अन्यों की गिरफ्तारी के साथ एक्यूआईएस के एक प्रमुख नेटवर्क का भंडाफोड़ स्पेशल सेल ने किया, जिसके बाद भारत में अहमद की भूमिका की खबर लगी.

एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक, रहमान ने पुलिस को बताया था कि साल 2009 में अहमद संग बेंगलुरू में उसकी मुलाकात उस वक्त हुई थी, जब वह ब्रिटेन से सजा काटकर लौटा था.

अधिकारी ने कहा कि अहमद को दिल्ली के एक अदालत में इसी दिन पेश किया जाएगा. उसे ट्रांजिट रिमांड पर आगे की जांच के लिए बेंगलुरु सहित अन्य स्थानों पर ले जाया जाएगा.