नई दिल्लीः राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भारत में पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियों की अपनी जांच के सिलसिले में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में दो संदिग्ध हवाला कारोबारियों को गिरफ्तार किया. एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया इस मामले में पुलिस अब तक सात लोगों को हिरासत में ले चुकी है. एनआईए ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान दिनेश गर्ग उर्फ अंकित गर्ग (34) और अदीश कुमार जैन (57) के रूप में हुई है और वे हवाला कारोबारी के रूप में काम कर रहे थे.

प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने तीन फरवरी को मुजफ्फरनगर में दोनों के परिसरों में छापेमारी की थी. उन्होंने बताया कि आरोपी सऊदी अरब स्थित कुछ भारतीय स्वर्ण तस्करों के साथ टेलीफोन पर संपर्क में थे. वे तस्करों के वाहकों को तस्करी के सोने की खरीद के बदले नकदी देते हुए पाए गए. एजेंसी ने दोनों के घरों से करीब 48 लाख रुपये की नकदी, लैपटाप, कई मोबाइल और गोला बारूद बरामद करने का दावा किया है.

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गौरतलब है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बुधवार को उत्तराखंड से एक हवाला संचालक को गिरफ्तार किया था, जो देश में आतंकवादी गतिविधियों के वित्त पोषण के लिए लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के एक वाहक के तौर पर काम कर रहा था. एनआईए ने बताया था कि अब्दुल समद (22) को हरिद्वार से सोमवार को गिरफ्तार किया गया था और एनआईए अदालत के समक्ष पेश किया गया. अदालत ने उससे पूछताछ के लिए एजेंसी को छह दिनों की इजाजत दे दी थी.

एनआईए के अधिकारी ने बताया कि समद को देश भर में चल रही लश्कर की गतिविधियों की जांच के तहत गिरफ्तार किया गया है. अधिकारी ने कहा कि समद प्रमुख हवाला संचालकों में एक है, जो उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में इसे संचालित करता है. वह सऊदी अरब में अपने चचेरे भाई के जरिए एलईटी के वित्त वाहक के तौर पर काम कर रहा था.

एजेंसी का दावा है कि समद ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हवाला संचालकों के जरिए 2017 में 350,000 रुपये जुटाए थे. इस नकदी को सह आरोपी शेख अब्दुल नईम उर्फ सोहेल खान को दिया था, जो महाराष्ट्र के औरंगाबाद का निवासी है. सोहेल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है.