नयी दिल्ली| राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कश्मीर घाटी में आतंकवाद के कथित वित्तपोषण और अलगाववादी गतिविधियों के मामले में आतंकवादी मास्टरमाइंड हाफिज सईद और सैयद सलाहुद्दीन तथा दस कश्मीरी अलगाववादियों के खिलाफ आज दिल्ली की एक अदालत में आरोपपत्र दायर किया. एनआईए ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तरुण सहरावत की अदालत में आरोपपत्र दायर किया. अदालत आज ही इस पर विचार करेगी. Also Read - जम्मू-कश्मीर: आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर किया हमला, दो जवान शहीद

Also Read - पश्चिम बंगाल दूसरे कश्मीर में बदल गया है, यहां हर दिन आतंकवादी गिरफ्तार हो रहे : बीजेपी नेता घोष

जांच एजेंसी ने कहा कि आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद, हिज्बुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैदय सलाहुद्दीन समेत12 लोगों के खिलाफ जम्मू कश्मीर में आतंकवादी एवं अलगाववादी गतिविधियां चलाकर सरकार के खिलाफ युद्ध चलाने की साजिश को लेकर आरोपपत्र दायर किया गया है. उनपर भादसं और अवैध गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न संबंधित धाराएं लगायी गयी हैं. Also Read - कश्मीर: आतंकियों को नाकाम कर शहीद हुए महेश, साल भर पहले आर्मी अफसर की बेटी से हुई थी शादी

Three Pakistani Rangers killed in Sialkot as BSF retaliates to Pak Army’s unprovoked firing in Jammu and Kashmir | बीएसएफ का जवान शहीद, पाक ने चुकाई बड़ी कीमत, LoC पर 3 रेंजर्स ढेर

Three Pakistani Rangers killed in Sialkot as BSF retaliates to Pak Army’s unprovoked firing in Jammu and Kashmir | बीएसएफ का जवान शहीद, पाक ने चुकाई बड़ी कीमत, LoC पर 3 रेंजर्स ढेर

आरोपपत्र में लश्कर प्रमुख सईद और हिज्बुल प्रमुख सलाहुद्दीन के अलावा दस अन्य लोग हुर्रियत नेता सेदय शाह गिलानी के दामाद अल्ताफ अहमद शाह, गिलानी के निजी सहायक बशीर अहमद भट, ऑल पार्टीज हुर्रियत कांफ्रेंस के मीडिया सलाहकार एवं रणनीतिकार अफताब अहमद शाह, अलगाववादी संगठन नेशनल फ्रांट के अध्यक्ष नईम फारुक खान, जम्मू कश्मीर लिबरेश फ्रंट (आर) के अध्यक्ष फारुक अहमद डार, ऑल पार्टीज हुर्रियत कांफ्रेंस (गिलानी गुट) के मीडिया सलाहकार मोहम्मद अकबर खांडेय, तहरीक ए हुर्रियत के पदाधिकारी राजा मेहराजुद्दीन कलवाल, हवाला कारोबारी जहूर अहमद शाह और पथराव करने वाले कामरान युसूफ और जावेद अहमद भट हैं.

एनआईए के अनुसार 30 मई, 2017 को मामला दर्ज किया गया था और 24 जुलाई, 2017 को अंतिम गिरफ्तारियां हुई थीं. उसने कहा कि छापे के दौरान विभिन्न स्थानों से उसे प्राप्त दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों को खंगालने से यह सामने आया कि आरोपी हुर्रियत नेता, आतंकवादी और पथराव करने वाले लोग एक सुनियोजित साजिशत के तहत जम्मू कश्मीर में आतंकवादी हमला कर रहे थे और हिंसा भड़का रहे थे.