नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने के एक मामले में मंगलवार को अलगाववादी मसरत आलम, आसिया अंद्राबी और शब्बीर शाह को 10 दिनों के लिए एनआईए की हिरासत में भेज दिया. यह मामला 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के सरगना और जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद से जुड़ा हुआ है. कोर्ट राष्ट्रीय जांच एजेंसी को कश्मीरी अलगाववादी नेताओं शब्बीर शाह, मसरत आलम भट्ट और आसिया आंद्राबी से आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में 14 जून तक पूछताछ करने की इजाजत दी है.Also Read - Bihar के डिप्‍टी CM ने कहा- भारत-पाक के बीच T20 WC मैच रुकनी चाहिए, BCCI उपाध्‍यक्ष ने कही ये बात

एक वकील ने बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने विशेष न्यायाधीश राकेश स्याल की अदालत में बंद कमरे में चल रही सुनवाई के दौरान तीनों को गिरफ्तार किया और 15 दिनों तक उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग की. आतंकवाद के वित्तपोषण के एक मामले में एजेंसी इन लोगों से पूछताछ करना चाहती है. Also Read - 60 हजार रुपये में बेची गई दिल्ली की नाबालिग लड़की, साले से शादी कराना चाहता था राजस्थान का गोपाल लेकिन....

एजेंसी ने कश्मीर घाटी में हिंसा के बाद मई 2017 में मामला दर्ज किया था. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राकेश सयाल ने तीनों को 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. मसरत आलम भट्ट को जम्मू एवं कश्मीर की एक जेल से दिल्ली लाया गया था. आरोपियों के वकील एम.एस. खान ने बताया कि आसिया और शाह अलग-अलग मामलों में पहले से ही हिरासत में हैं, जबकि आलम को ट्रांजिट रिमांड पर जम्मू- कश्मीर से लाया गया था. Also Read - सैयद अली गिलानी ने अपने पोते को कैसे दिलाई थी सरकारी नौकरी? महबूबा सरकार के साथ किया था सौदा!

एनआईए ने 2018 में सईद, एक अन्य आतंकवादी सरगना सैयद सलाउद्दीन और दस कश्मीरी अलगाववादियों के खिलाफ घाटी में आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने और अलगाववादी गतिविधियों के मामले में आरोपपत्र दायर किया था.

आरोपियों के खिलाफ जिन अपराधों के तहत आरोप पत्र दायर किया गया है, उनमें आईपीसी की धारा 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र) और गैर कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धाराएं शामिल हैं. एनआईए के मुताबिक, मामला 30 मई 2017 को दर्ज हुआ था और पहली गिरफ्तारी पिछले वर्ष 24 जुलाई को हुई थी.

अब तक एजेंसी ने अलगाववादी नेता आफताब हिलाली शाह ऊर्फ शाहिद-उल-इस्लाम, अयाज अकबर खांडे, फारूक अहमद डार ऊर्फ बिट्टा कराटे, नईम खान, अल्ताफ अहमद शाह, राजा मेहराजुद्दीन कलवल और बशीर अहमद भट्ट ऊर्फ पीर सैफुल्ला को गिरफ्तार किया है. अल्ताफ अहमद शाह कट्टरपंथी नेता सैयद अली गिलानी का दामाद है, जो जम्मू एवं कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाने की वकालत करता है.

शाहिद-उल-इस्लाम फारूक डार का सहयोगी है और खांडेय गिलानी नीत हुर्रियत का प्रवक्ता है. वहीं, कश्मीर व्यापारी जहूर अहमद शाह वटाली को अगस्त 2017 को गिरफ्तार किया गया था. एनआईए ने लश्कर ए तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिद्दीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन समेत 12 लोगों के विरुद्ध 18 जनवरी 2018 को आरोपपत्र दाखिल किया था. (इनपुट: एजेंसी)