नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने  आतंकवादियों को प्रशिक्षण दिए जाने के साल 2018 के एक मामले में कश्मीर घाटी में चार जगहों पर छापेमारी की. यह छापे उन आतंकवादियों का पता लगाने के लिए मारे गए थे, जो घाटी के युवाओं को पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा (एलईटी) में शामिल होने के लिए उकसाते थे. राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने रविवार को जम्मू एवं कश्मीर के बारामूला कस्बे में सूर्योदय से पहले चार स्थानों पर छापे मारे. एनआईए के अधिकारियों के साथ राज्य पुलिस और सीआरपीएफ की टीमें भी थीं. उन्होंने एलओसी पार व्यापार में संलिप्त चार व्यापारियों के घरों पर छापे मारे. Also Read - Shopian Encounter: चार्जशीट में खुलासा, 'सेना के कैप्टन और दो अन्य ने सबूत मिटाने की कोशिश की'

बता दें कि पिछले सप्ताह, एनआईए के अधिकारियों ने श्रीनगर, पुलवामा और सोपोर कस्बों में छापे मारे थे। एनआईए द्वारा की जा रही आतंकवाद के वित्तपोषण की जांच के तहत ये छापे मारे गए हैं.” आतंकवाद के वित्तपोषण की जांच के संबंध में एनआईए अब तक एक प्रमुख स्थानीय व्यवसायी जहूर वटाली और कई अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार कर चुकी है. Also Read - आखिर किस वजह से जम्मू-कश्मीर के कैदियों को आगरा जेल स्थानांतरित किया गया, जानें पूरी डिटेल्स

संघीय जांच एजेंसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि श्रीनगर के राजबाग इलाके में बख्तियार मुजीव मुल्लाह के परिसरों तथा बडगाम में जहूर अहमद शेख, बशीर अहमद शेख और मोहम्मद अफजल मीर के घरों पर छापेमारी की गई. उन्होंने बताया कि छापेमारी में राष्ट्रीय जांच एजेंसी का सहयोग सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस ने किया. Also Read - क्या Farmers Protest में हो रही विदेशी फंडिंग? इन अलगाववादी संगठनों पर एजेंसियों की नजर

एनआईए ने बताया कि एजेंसी को छापेमारी में जो सामग्री मिली, उसमें आतंकवादियों के फोटो समेत उकसाने वाले दस्तावेज, पांच मोबाइल फोन, एक लैपटाप, एक हार्ड डिस्क, मैमोरी, सिम कार्ड और कुछ पेनड्राइव भी मिली हैं. प्रवक्ता ने बताया कि जिन लोगों पर छापेमारी की गई है, उनसे पूछताछ की जा रही है.

कुलगाम पुलिस थाने में आतंकी मुनीद हामिद भट के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद एजेंसी ने उसका संज्ञान लेते हुए पिछले साल ‘गैर कानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया था. यह छापेमारी इसी मामले के संबंध में की गई थी.

प्रवक्ता ने बताया कि भट को विध्वंसकारी गतिविधियों के लिए गिरफ्तार किया गया जो युवकों को एलईटी में शामिल होने के लिए उकसाता था और उसने ही घाटी के अलगाववादी नेताओं की सिफारिश पर वैध वीजा दस्तावेज हासिल किए जाने के आधार पर युवकों को प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान भिजवाने के इंतजाम किए थे.