नई दिल्ली. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को कहा कि पुलवामा आतंकी हमले में एक मारुति ईको मिनीवैन का इस्तेमाल किया गया था और इसे 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हमले से महज 10 दिन पहले जैश-ए-मोहम्मद के एक सदस्य ने खरीदा था. गाड़ी मालिक की पहचान जैश के सदस्य सज्जाद भट के तौर पर की गई है जो दक्षिण कश्मीर के बिजबेहारा का निवासी है. एनआईए प्रवक्ता के अनुसार वह फरार है और समझा जाता है कि अब सक्रिय आतंकी बन गया है.

महबूबा मुफ्ती के बिगड़े बोल, कहा- विशेष दर्जा हटा तो तिरंगे की बजाय दूसरा झंडा उठा लेंगे कश्मीरी

प्रवक्ता ने कहा कि एनआईए ने हमला स्थल से मिले कार के टुकड़ों को जोड़कर गाड़ी और उसके मालिक की पहचान कर जांच में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है. एनआईए अधिकारियों ने फोरेंसिक और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के सहयोग से विस्फोट में इस्तेमाल वाहन की पहचान मारुति ईको कार के रूप में की है जिसका चैसिस नंबर एमए3 ईआरएलए1एसओओ183735 और इंजन नंबर जी12 बीएन164140 है. यह गाड़ी अनंतनाग के हैवन कॉलोनी निवासी मोहम्मद जलील अहमद हकानी को 2011 में बेची गई थी. इसके बाद यह सात बार बिकी और अंत में दक्षिण कश्मीर के बिजबेहारा निवासी सज्जाद भट के पास पहुंची.

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की गुहार- पीएम मोदी शांति का एक मौका दें

प्रवक्ता के अनुसार गाड़ी 4 फरवरी को खरीदी गई थी. सज्जाद सिराज-उल-उलूम, शोपियां का छात्र था. एनआईए और पुलिस के एक दल ने शनिवार को सज्जाद के घर पर छापेमारी की लेकिन वह मौजूद नहीं था. खबरों के मुताबिक वह जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हो गया था और सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीर भी सामने आई थी जिसमें वह हथियार के साथ दिखाई दिया. एनआई ने 20 फरवरी को जम्मू कश्मीर पुलिस से पुलवामा हमले की जांच अपने हाथ में ले ली थी. एनआईए के महानिदेशक वाई सी मोदी ने एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ श्रीनगर से 33 किलोमीटर दूर हमला स्थल का दौरा किया, जहां पुलिस और सीआरपीएफ ने उन्हें इस बारे में जानकारी दी.

(इनपुट – एजेंसी)