नई दिल्‍ली: 23 साल की पैरामेड‍िकल छात्रा निर्भया के साथ 16-17 दिसंबर की रात 2012 में दक्षिणी दिल्ली क्षेत्र में चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म और हत्‍या के मामले के एक दोषी ने सुप्रीम कोर्ट में क्‍यूरेट‍िव याचिका दायर की है. मौत की सजा का सामना कर रहे चारों दोषियों में से एक विनय कुमार शर्मा ने फांसी के फंदे से बचने के अंतिम प्रयास के तहत गुरुवार को शीर्ष कोर्ट सुधारात्मक याचिका दायर की. किसी दोषी के लिए क्‍यूरेट‍िव याचिका दायर करना उसको उपलब्ध अंतिम कानूनी विकल्प होता है.

दिल्ली की पटियाला कोर्ट ने बीती 7 जनवरी को आदेश दिया कि दोषियों – मुकेश (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को 22 जनवरी की सुबह सात बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी जाएगी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने तिहाड़ जेल प्रमुख को भेजा गया मृत्यु वारंट (जिसे ब्लैक वारंट भी कहा जाता है) जारी किया और चारों दोषियों को मौत की सजा देने की तारीख मुकर्रर कर दी है. इनमें से एक दोषी करार दिए गए विनय कुमार शर्मा ने उच्चतम न्यायालय में मौत की सजा के खिलाफ सुधारात्मक याचिका दायर की है.

बता दें कि 16-17 दिसंबर की रात 2012 में निर्भया के साथ दक्षिणी दिल्ली क्षेत्र में एक चलती बस में गैंगरेप किया गया था. बाद में 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में निर्भया की मौत हो गई थी.

सूत्रों ने बताया कि तिहाड़ की जेल नंबर तीन में दोषियों को फांसी देने के लिए उत्तर प्रदेश के जेल अधिकारियों से मेरठ से जल्लाद उपलब्ध कराने को संपर्क किया जाएगा. तिहाड़ एशिया की सबसे बड़ी जेल है.

इन खबरों के बीच कि फांसी के लिए नए तख्ते तैयार किए जा रहे हैं, सूत्रों ने कहा कि चारों दोषियों को एक साथ फांसी दिए जाने की संभावना है. उन्होंने कहा, हमारे डॉक्टरों की टीम दोषियों की शारीरिक और मानसिक स्थिति पर नजर रखने के लिए नियमित जांच करेगी. हम उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखेंगे. इसके साथ ही इस अवधि में इन लोगों के परिवार आकर इनसे मिल सकते हैं.