नई दिल्ली. पंजाब नेशनल बैंक में 11 हजार करोड़ रुपए से ज्‍यादा के घोटाले का आरोपी नीरव मोदी का पासपोर्ट निलंबित कर दिया गया है. घोटाले से जुड़े अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी सीबीआई ने कार्रवाई शुरू कर दी है. लेकिन क्या आपको मालूम है कि नीरव मोदी ने इस घोटाले के सामने आने से एक साल पहले ही देश से भागने की योजना बना ली थी. जी हां, नीरव मोदी 2016 के दिसंबर में ही परिवार समेत देश छोड़कर जाने वाला था. लेकिन ऐन वक्त पर नोटबंदी लागू कर देने से उसकी योजना पर पानी फिर गया. इसके बाद उसने एक साल देश में रहकर ही इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया. जानिए घोटाला करने की उसकी साजिश की कहानी. Also Read - नीरव मोदी मामला: PNB को वसूली की पहली किश्त के रूप में अमेरिका से मिले 24.33 करोड़ रुपये

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PNB घोटाला: मामा मेहुल चोकसी के साथ मिलकर नीरव मोदी ने पूरे सिस्टम को बनाया 'मामू'

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भाई की शादी के बहाने देश छोड़ने की फिराक में था नीरव मोदी

सहयोगी टीवी चैनल WION में छपी रिपोर्ट के अनुसार सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि नीरव मोदी अपने भाई निहाल की शादी के नाम पर दिसबंर 2016 में देश छोड़ने की योजना बना चुका था. लेकिन 8 नवंबर को ही सरकार ने विमुद्रीकरण यानी नोटबंदी कर दी. इससे नीरव की योजना धरी की धरी रह गई. उसने देश छोड़ने का प्लान कैंसिल कर दिया. इसके बाद उसने एक साल भारत में ही रहकर अपने पैसे को ठिकाने लगाने की योजना बनाई. इसके लिए विभिन्न स्तरों पर प्लानिंग की और उसे बड़ी तत्परता से अंजाम दिया.

शुरुआत में पांच देशों में पैसे ट्रांसफर किए

नीरव मोदी के पिछले एक साल में विभिन्न देशों में अपने खातों में किए गए लेन-देन पर सीबीआई कड़ी जांच कर रही है. खासकर अमेरिका, मलेशिया, सिंगापुर, यूके और ब्रिटेन भेजे गए पैसों पर एजेंसी की खास नजर है. पता चला है कि नीरव मोदी ने शुरुआत में भारत से मकाऊ, बीजिंग, हांगकांग, सिंगापुर और कुआलालंपुर के खातों में पैसे भेजे. वहां से ये पैसे लंदन भेजे गए. लंदन भेजने के बाद इन पैसों को हवाई, लास वेगास और न्यूयॉर्क भेजा गया, जहां के बाद इन पैसों को उसने अपने स्विस बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिया.

दिसंबर 2017 में पीएनबी से ही मिली टिप के बाद छोड़ा देश

दिसंबर 2017 में पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े किसी व्यक्ति (घोटाले से जुड़े दो आरोपी नहीं) ने नीरव मोदी को जानकारी दी कि उसके हेरा-फेरी को लेकर बैंक के सीनियर अफसरों की मीटिंग हुई है और सीबीआई में शिकायत दर्ज की गई है. इसके बाद नीरव ने परिवार समेत देश से भागने की फुल-प्रूफ योजना बनानी शुरू की. उसने एक साथ देश छोड़ने की जगह एक-एक करके देश से भागने की योजना बनाई, ताकि जांच एजेंसी या बैंक अधिकारियों को संदेह न हो.

पहले खुद भागा, फिर देश छोड़ा नीरव के परिजनों ने

WION की रिपोर्ट के अनुसार नीरव मोदी ने जनवरी के शुरुआती दिनों में ही देश छोड़ने की योजना बनाई थी. इसलिए सबसे पहले वह खुद निकला. उसके बाद उसका भाई नीशाल मोदी भारत से निकल भागा. इसके महज तीन दिनों के बाद ही नीरव ने अपने मामा मेहुल चोकसी को पूरी योजना बताई और मेहुल भी देश से निकल गया. इस बीच अमेरिकी नागरिकता प्राप्त उसकी पत्नी एमी भारत में ही रही, ताकि जांच एजेंसियों और बैंक की गतिविधियों की पूरी खबर आरोपियों को मिलती रहे. कुछ दिनों तक भारत में रहकर एमी भी अपने बच्चों के साथ यहां से फरार हो गई. घोटालेबाजों का यह पूरा परिवार महज एक हफ्ते के भीतर ही भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की पहुंच से दूर हो गया.

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तीन हफ्ते बाद पीएनबी ने दर्ज कराया मुकदमा

नीरव मोदी और उसके परिवार के भागने के तीन हफ्ते के बाद पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों ने सीबीआई की बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित बैंक सिक्योरिटी एंड फ्रॉड सेल (बीएसएफसी) में मामले की शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद सीबीआई ने जांच शुरू की और आखिरकार 31 जनवरी को पहली एफआईआर दर्ज कराई गई.

परिवार को बचा लिया मगर ज्वेलरी नहीं बचा पाया

नीरव मोदी ने खुद को और परिवार को तो जांच एजेंसियों के शिकंजे से बचा लिया, लेकिन जिन बहुमूल्य गहनों से उसकी दुनिया में पहचान बनी, वह उसे नहीं बचा पाया. नीरव ने पैसों के साथ-साथ भारत में रखी अपने बहुमूल्य ज्वेलरी भी साथ ले जाने की योजना बना रखी थी. इसके लिए उसने ज्वेलरी को न्यूयॉर्क भेजने का इंतजाम कर रखा था. लेकिन जांच एजेंसियों का शिकंजा कसते ही उसकी यह बहुमूल्य निधि यहीं फंस गई.

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