नई दिल्‍ली: देश की राजधानी दिल्‍ली में दिसंबर 2012 में हुए बहुचर्चित गैंगरेप Nirbhay Gangrape Case और मर्डर केस में फांसी की सजा सुनाने के बाद दोषी लगातार बचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके हर पैंतरे फेल होते जा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने गुरुवार को दोषी अक्षय कुमार सिंह Akshay Kumar Singh की याचिका खारिज दी है. बता दें कि एक दिन पहले बुधवार को अक्षय कुमार सिंह ने अपने वकील के जरिए सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच में सुधारात्‍मक याचिका दायर की थी.

निर्भया गैंग रेप के दोषी अक्षय कुमार सिंह के पास अब भी राष्‍ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर करने का विकल्‍प है. मुकेश और विनय के बाद सुप्रीम कोर्ट में सुधारात्मक याचिका दायर करनेवाला अक्षय कुमार सिंह तीसरा दोषी है.

निर्भया मामला: एक फरवरी को दोषियों की फांसी पर रोक लगाने के लिए वकील पहुंचे कोर्ट

निचली अदालत ने चारों दोषियों-मुकेश कुमार सिंह, पवन गुप्ता, विनय कुमार शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को एक फरवरी को सुबह 6:00 बजे फांसी पर लटकाने के लिए 17 जनवरी को दूसरी बार ब्लैक वारंट जारी किया था. अदालत ने इससे पहले 7 जनवरी को मृत्यु वारंट जारी कर उन्हें मृत्युदंड देने के लिए 22 जनवरी की तारीख तय की थी.

अब तक एकमात्र मुकेश ही ऐसा व्यक्ति है, जो सभी कानूनी विकल्प आजमा चुका है. उसकी दया याचिका राष्ट्रपति ने 17 जनवरी को खारिज कर दी थी और राष्ट्रपति के इस निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उसकी अपील खारिज कर दी. जस्टिस आर भानुमति के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मुकेश की अपील खारिज करते हुए कहा कि त्वरित विचार और दया याचिका त्वरित रूप से खारिज कर देने का यह मतलब नहीं है कि राष्ट्रपति ने इस पर सोच-विचार नहीं किया था.  (इनपुट: एजेंसी)