नई दिल्ली: अदालत ने दोषी विनय शर्मा की वह याचिका खारिज कर दी है जिसमें उसने खुद को मानसिक बीमारी से ग्रस्त होने का दावा किया था और उपचार की जरूरत बतायी थी. दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को निर्भया दुष्कर्म और हत्या मामले में मौत की सजा पाने वाले दोषियों में से एक की याचिका पर अपना फैसला सुनाया. Also Read - Toolkit case: दिशा रवि की जमानत याचिका पर मंगलवार को फैसला देगी पटियाला हाऊस कोर्ट, पुलिस ने कहा- टूलकिट के पीछे नापाक मंसूबा था

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने दोषी विनय कुमार शर्मा द्वारा दाखिल याचिका खारिज कर दी. याचिका में दावा किया गया था कि उसके माथे पर गहरी चोट है, दायीं बांह टूटी हुई है और उसपर प्लास्टर है. वह मानसिक बीमारी और सिजोफ्रेनिया से ग्रस्त है. Also Read - दिशा रवि को जेल या बेल? पटियाला हाऊस कोर्ट में जमानत याचिका पर चल रही सुनवाई

तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने उसके दावों को ‘‘तोड़े मरोड़े गए तथ्यों का पुलिंदा’’ बताया और अदालत से कहा कि सीसीटीवी फुटेज से साबित हुआ है कि दोषी विनय कुमार शर्मा ने चेहरे को खुद ही जख्मी कर लिया और वह किसी मनोवैज्ञानिक विकार से ग्रस्त नहीं है. Also Read - निर्भया कांड के 8 साल पूरे: देश में महिलाओं के प्रति कम नहीं हुई क्रूरता, पिता बोले- अभी लड़ाई बाकी है

जेल की तरफ से पेश मनोचिकित्सक ने कहा कि रोजाना आधार पर सभी चारों दोषियों की चिकित्सा जांच की गयी और सभी ठीक हैं.

गौरतलब है कि आरोपी ने अपनी अर्जी में दावा करते हुए कहा था कि मानसिक बीमारी सिजोफ्रेनिया और सिर व हाथ की चोटों के लिए उसे बेहतर इलाज की जरूरत है. दोषी विनय शर्मा की ओर से एक आवेदन में कहा गया था कि मानसिक बीमारी के ‘उच्च स्तरीय उपचार’ के लिए उसे दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड अलाइड साइंसेज (आईएचबीएएस) में स्थानांतरित करने के लिए एक दिशा-निर्देश दिया जाए.

हालांकि कोर्ट ने उसकी ये याचिका खारिज कर दी है. इस हफ्ते की शुरुआत में विनय शर्मा ने जेल की दीवारों में सिर मार कर खुद को घायल कर दिया था. उसने इसके लिए भी उपचार की मांग की थी. अब विनय के सभी कानूनी उपचार समाप्त हो चुके हैं. तीन अन्य दोषियों सहित उसे 3 मार्च को सुबह 6 बजे फांसी होनी है. दोषियों में से एक पवन ने अभी तक अपने कानूनी उपायों का इस्तेमाल नहीं किया है.