नई दिल्ली: निर्भया मामले के दोषियों में से एक मुकेश कुमार सिंह ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय का रुख किया और अपनी दया याचिका राष्ट्रपति द्वारा खारिज किए जाने के विरोध में अपनी अपील पर तत्काल सुनवाई की मांग की. गौरतलब है कि 2012 में पैरामेडिकल की छात्रा का बर्बर सामूहिक बलात्कार हुआ था और उसे मरने के लिए छोड़ दिया गया था. घटना के कुछ दिन बाद छात्रा की मौत हो गई थी. मुकेश (32) की दया याचिका राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 17 जनवरी को खारिज कर दी थी. Also Read - परिवार के 7 सदस्‍यों की हत्‍या की दोषी शबनम को रामपुर से बरेली जेल भेजा, जानिए क्‍यों?

प्रधान न्यायाधीश एस.ए. बोबडे की पीठ ने कहा, ‘अगर किसी को फांसी दी जाने वाली है तो इससे अधिक आवश्यक कुछ और हो ही नहीं सकता.’ साथ ही उन्होंने कुमार के वकील को शीर्ष अदालत के सक्षम अधिकारी से संपर्क करने को कहा. पीठ में न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत भी थे. Also Read - Corona Vaccination Latest Updates: सुप्रीम कोर्ट के 30 में से 29 जजों को आज लगेगा टीका, नहीं मिलेगा ऑप्शन

गौरतलब है कि निर्भया मामले के चारों दोषियों को एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी दी जानी है. उच्चतम न्यायालय द्वारा मुकेश की दोषसिद्धी और मौत की सजा के खिलाफ दायर सुधारात्मक याचिका खारिज करने के बाद सिंह ने दया याचिका दायर की थी. Also Read - Supreme Court On Rape Case: नाबालिग लड़की से Rape के आरोपी से सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, क्या पीड़िता से करोगे शादी? जानें पूरा मामला..