Nirbhaya Verdict: निर्भया दुष्कर्म मामले में कोर्ट का फैसला आ चुका है. कोर्ट ने सभी दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है. सभी दोषियों को 22 जनवरी के दिन फांसी दी जाएगी. गौरतलब है कि निर्भया के साथ चलती बस में गैंगरेप किया गया था. सात साल के लंबे इंतजार के बाद आज कोर्ट ने फांसी के फैसले पर मुहर लगा दी है. बता दें कि इस मामले में पुलिस ने कुल 6 लोगों को दोषी ठहराते हुए जेल भेज दिया था. हालांकि इसमें एक दोषी के नाबालिग होने के कारण उसे 3 साल की सजा के बाद रिहा कर दिया गया वहीं एक अन्य दोषी राम सिंह ने जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. बता दें कि अन्य 4 आरोपियों को अब 22 जनवरी को फांसी के फंदे पर लटका दिया जाएगा.

कौन हैं ये आरोपी

मुकेश सिंह

घटना के वक्त मुकेश सिंह की उम्र 32 साल थी. पेशे से मुकेश एक क्लीनर का काम किया करता था. घटना के वक्त मुकेश भी बस में सवार था मुकेश ही वह शख्स था जिसने निर्भया और उसके दोस्त की पिटाई की थी.

पवन गुप्ता

घटना के वक्त पवन गुप्ता की उम्र 24 साल थी. पवन दिल्ली में फल बेचने का काम किया करता था. निर्भया मामले में दोषी पाए जाने के बाद से पवन तिहाड़ जेल में अन्य दोषियों के साथ बंद है.

अक्षय ठाकुर

बता दें कि अक्षय ठाकुर बिहार का रहने वाला था. घटना के वक्त इसकी उम्र 33 साल थी. पढ़ाई से बचने के लिए यह बिहार से भागकर दिल्ली आ गया था. हालांकि किसी तरह उसकी दोस्ती फल बेचने वाले पवन गुप्ता से हुई थी. हालांकि अभी अक्षय ठाकुर भी तिहाड़ जेल में अन्य दोषियों के साथ कैद है.

विनय शर्मा

निर्भया के साथ जिस वक्त दुष्कर्म की घटना हई उस वक्त विनय बस चला रहा था. बता दें कि पेशे से विनय एक फिटनेस ट्रेनर था. जेल में कैद रहने के दौरान ही विनय विश्वविद्यालय की परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था. राम सिंह की खुदकुशी के बाद विनय ने भी आत्महत्या करने का प्रयास किया था.

राम सिंह

राम सिंह पेशे से एक बस ड्राइवर था. राम सिंह भी घटना के वक्त बस में मौजूद था. राम सिंह ने निर्भया और उसके दोस्त को लोहे की रॉड से बुरी तरह से पीटा था. राम सिंह को दोषी ठहराए जाने के बाद तिहाड़ जेल भेज दिया गया था. हालांकि जेल रहते हुए राम सिंह ने आत्महत्या कर ली थी.