नई दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले के चार दोषियों में एक अक्षय कुमार सिंह की दया याचिका खारिज कर दी है. गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बुधवार को इस बारे में बताया. सिंह ने कुछ दिन पहले राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दाखिल की थी. एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति ने सिंह की दया याचिका खारिज कर दी. कोविंद मामले में दो अन्य आरोपियों मुकेश सिंह और विनय कुमार शर्मा की दया याचिका पहले ही खारिज कर चुके हैं.Also Read - Ram Vilas Paswan Bangla 12 Janpath: रामविलास पासवान का घर हो सकता है राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का नया आशियाना

बता दें वहीं, आज ही दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के सभी दोषियों को एक साथ फांसी दी जाए, न कि अलग- अलग. इसके साथ ही अदालत ने फांसी पर रोक के निचली अदालत के फैसले के खिलाफ केंद्र की याचिका को खारिज कर दिया. फैसले का अहम हिस्सा पढ़ते हुए जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने दोषियों को निर्देश दिया कि वे उपलब्ध कानूनी उपचारों के तहत सात दिन के अंदर आवदेन कर सकते हैं, जिसके बाद अधिकारियों को कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए. Also Read - बाबा साहब अंबेडकर की जयंती पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने दी श्रद्धांजलि, बोले- भारत को दिया सबसे मजबूत स्तंभ

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इस मामले में केंद्र सरकर ने आज ही हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर है.

हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को इस बात के लिए कसूरवार भी ठहराया कि उन्होंने 2017 में सुप्रीम द्वारा अभियुक्तों की अपील खारिज किए जाने के बाद मृत्यु वारंट जारी करने के लिए कदम नहीं उठाया. पीड़िता के माता-पिता और दिल्ली सरकार ने चारों दोषियों को फरवरी 2019 और 18 दिसंबर 2019 को मौत की सजा देने के लिए मृत्यु वारंट जारी करने की मांग की थी.

न्यायाधीश ने कहा, “ मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि मई 2017 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) खारिज करने के बाद किसी ने भी उनकी फांसी के लिए मृत्यु वारेंट जारी कराने के लिए कदम नहीं उठाए.”

अदालत ने कहा, सभी अधिकारी सो रहे थे और इस बात का इंतज़ार कर रहे थे कि दोषी अक्षय अपनी मौत की सज़ा को बरकरार रखने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए 9 दिसंबर 2019 को पुनर्विचार याचिका दायर करे. शीर्ष अदालत ने 18 दिसंबर 2019 को उसकी पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी.

गौरतलब है कि केंद्र और दिल्ली सरकार ने निचली अदालत के 31 जनवरी के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके जरिए मामले में चार दोषियों की फांसी पर ‘‘अगले आदेश तक’’ रोक लगा दी गई थी. ये चार दोषी- मुकेश कुमार सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय कुमार शर्मा (26) और अक्षय कुमार (31) तिहाड़ जेल में कैद हैं.