नई दिल्ली: निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले में दोषी पाए जाने वाले अक्षय सिंह की पुनर्विचार याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है. दोषी अक्षय सिंह के वकील ओपी सिंह ने कई दलीलें दी हैं. वकील ओपी सिंह का कहना है कि मामले को राजनैतिक रूप से प्रभावित किया गया. अभी पिछले कई ऐसे मामलों के आरोपियों को सजा नहीं हुई है. फांसी की सजा भारतीय संस्कृति और मावधिकारों के ख़िलाफ़ है. वहीं, इस जवाब में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब इन बातों का क्या महत्व है. करीब एक घंटे तक चली बहस और दलीलों के बाद इस मामले की सुनवाई ख़त्म हो गई. वहीं, सुप्रीम कोर्ट इस मामले में दोपहर एक बजे फैसला सुनाएगा.

भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने मंगलवार को हुई सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था क्योंकि उनका भतीजा एक बार निर्भया मामले से संबंधित एक सुनवाई में पेश हुआ था. जस्टिस आर बनुमथी, ए एस बोपन्ना और अशोक भूषण की एक नई तीन-न्यायाधीश पीठ अब आज सुबह 10.30 बजे इस केस की सुनवाई कर रहे हैं.

अक्षय कुमार द्वारा दायर की गई पुनर्विचार याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अपने 2017 के फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा गया है जिसमें उसने गैंगरेप और हत्या मामले में अक्षय को दोषी पाया है. सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले में सभी चार आरोपियों को मौत की सजा सुनाई है.

मामले के एक आरोपी राम सिंह ने यहां तिहाड़ जेल में कथित रूप से खुदकुशी कर ली. एक अन्य आरोपी किशोर था और उसे किशोर न्याय बोर्ड ने दोषी ठहराया था. उसे तीन साल तक सुधार गृह में रखने के बाद रिहा कर दिया गया था. शीर्ष अदालत ने 2017 में इस मामले के बाकी चार दोषियों को निचली अदालत और दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा सुनाए गए मृत्युदंड को बरकरार रखा था.