नई दिल्ली: दिल्‍ली बहुचर्चित निर्भया सामूहिक बलात्कार एवं हत्याकांड के मुजरिम मुकेश कुमार सिंह ने सोमवार को यहां अदालत से कहा कि वह नहीं चाहता है कि अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर उसका प्रतिनिधित्व करें. इसके बाद कोर्ट ने अदालत ने मुकेश के वकील के रूप में अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर को छुट्टी दे दी है. मुकेश का प्रतिनिधित्व के लिए वकील रवि काजी को अब वकील नियुक्त किया गया है.Also Read - खुफिया सूत्रों ने कहा, वकील महमूद प्राचा ने आतंकियों का किया बचाव, एंटी CAA आंदोलन के दौरान दिए थे उत्‍तेजक भाषण

2012 में दिल्ली हुए निर्भया गैंगरेप और मर्डर मामले में तिहाड़ जेल के विधि अधिकारी ने अदालत को स्थिति रिपोर्ट सौंप दी. विशेष लोक अभियोजक राजीव मोहन ने मामले की वर्तमान स्थिति के बारे में अदालत को अवगत कराया और यह भी कहा कि 4 दोषियों में से 3 ने पहले ही अपने कानूनी उपायों को समाप्त कर दिया है. Also Read - जज ने नहीं सुनाया मनमुताबिक फैसला, तो वकील ने दिया श्राप- 'जा तुझे लग जाए कोरोना वायरस'

मुकेश के वकील द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद अदालत ने मुकेश के वकील के रूप में अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर को छुट्टी दे दी है. मुकेश का प्रतिनिधित्व के लिए वकील रवि काजी को अब वकील नियुक्त किया गया है. Also Read - निर्भया के दोषियों के लिए रात 2:30 बजे खुली सर्वोच्च अदालत, अंतिम वक्त पर नहीं टली फांसी

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धमेंद्र राणा को यह भी सूचित किया गया कि इस मामले का अन्य मुजरिम विनय शर्मा तिहाड़ जेल में भूख हड़ताल पर है.

अदालत निर्भया के माता-पिता और दिल्ली सरकार की अर्जियों पर सुनवाई कर रही है, जिनमें इस हत्याकांड के चारों मुजरिमों को फांसी पर चढ़ाने के लिए नई तारीख मुकर्रर करने की मांग की गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को इस बात की छूट दी थी कि वे इन मुजरिमों को फांसी पर चढ़ाने की नई तारीख जारी करने की मांग को लेकर निचली अदालत जा सकते हैं. बता दें कि निर्भया कांड के चारों मुजरमों को मृत्युदंड सुनाया गया था.