बलिया: निर्भया कांड में मंगलवार को दो दोषियों की तरफ से दाखिल सुधारात्मक याचिका को उच्चतम न्यायालय द्वारा खारिज किये जाने के निर्णय पर खुशी का इजहार करते हुए पीड़िता के परिजनों ने 22 जनवरी को उसके पैतृक गांव में दीपावली की तरह उत्सव मनाने की बात कही है. Also Read - क्या! दिवाली के बाद इस गांव में लोग गोबर से खेलते हैं 'होली', देखें Video

निर्भया के दादा लाल जी सिंह ने मंगलवार को बिहार की सीमा से सटे गांव मेड़वार कला में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उच्चतम न्यायालय के फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत का निर्णय स्वागत योग्य है तथा अब यह सुनिश्चित हो गया कि निर्भया के गुनहगारों को 22 जनवरी को फांसी दे दी जाएगी. Also Read - गुरुग्राम में दिवाली पर पटाखे जलाने पर 59 चालान कटे, 15 गिरफ्तार, 50 KG आतिशबाजी जब्त

सिंह ने जानकारी दी कि फांसी के दिन 22 जनवरी को निर्भया के पैतृक गांव में दीपावली की तरह उत्सव मनाया जायेगा. Also Read - दिवाली पर देश में 72 हज़ार करोड़ का व्यापार हुआ, चीन को लगा 40 हज़ार करोड़ के नुकसान का झटका

(इनपुट भाषा)