नई दिल्ली: दिल्ली की मंडोली जेल में रखे गए 16 दिसंबर 2012 के निर्भया सामूहिक बलात्कार-हत्याकांड के एक दोषी को तिहाड़ जेल में स्थानांतरित किया गया है. महानिदेशक (जेल) संदीप गोयल ने बताया कि मंडोली जेल में रखे गए पवन कुमार गुप्ता को हाल ही में तिहाड़ जेल स्थानांतरित किया गया. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि क्‍या निर्भयाकांड के दोषियों को फांसी देने का वक्‍त करीब आ गया है.

निर्भया कांड में मौत की सजा पाने वाले चार दोषियों में से अंतिम दोषी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की. सुप्रीम कोर्ट ने 9 जुलाई, 2018 को इस सनसनीखेज अपराध में संलिप्त चार में से तीन दोषियों की पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कर दी थीं.

अभी तक पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करने वाले दोषी 31 वर्षीय अक्षय के वकील एपी सिंह ने बताया कि उसने मंगलवार को इस संबंध में याचिका दायर की है.

बता दें कि हाल ही में खबर आई है कि बिहार की बक्‍सर केंद्रीय जेल को 10 फांसी के फंदे तैयार करने के लिए कहा गया है. इसके बाद वहां फांसी के फंदे तैयार किए जा रहे हैं.

एक अन्य जेल अधिकारी ने बताया कि गुप्ता तिहाड़ की जेल नंबर 2 में है, जहां इस कांड के अन्य दोषियों मुकेश सिंह और अक्षय को भी रखा गया है. चौथा दोषी विनय शर्मा तिहाड़ की जेल नंबर चार में है.

निर्भया 23 वर्षीय उस फिजियोथेरेपी इंटर्न का काल्पनिक नाम है, जिससे 16 दिसंबर, 2012 को दक्षिण दिल्ली में चलती बस में चालक समेत छह व्यक्तियों ने सामूहिक बलात्कार किया था और उसपर बर्बर हमला किया गया था, जिसके कारण बाद में उसकी मौत हो गई थी.

इस मामले में एक किशोर समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें बलात्कार एवं हत्या का आरोपी बनाया गया. उनमें से एक आरोपी रामसिंह ने पुलिस हिरासत में आत्महत्या कर ली. बाकी की त्वरित अदालत में सुनवाई हुई. इस मामले में किशोर को दोषी ठहराया गया और उसे सुधार गृह में तीन साल के लिए भेजा गया.

शेष चार बालिग आरोपियों को 10 सितंबर, 2013 को बलात्कार एवं हत्या का दोषी पाया गया और तीन को बाद उन्हें मृत्युदंड सुनाया गया. दिल्ली हाई कोर्ट ने 13 मार्च, 2014 को इन गुनहगारों की दोषसिद्धि को बरकरार रखा और उनकी मौत की सजा पर मुहर लगा दी.