नई दिल्ली: निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले (Nirbhaya Gangrape and Murder Case) के दोषियों को फांसी देने के लिए रास्ता साफ़ हो गया है. 22 जनवरी 2020 को सुबह 7 बजे चारों दोषियों को फांसी दी जाएगी. पटियाला हाउस कोर्ट में डेथ वारंट पर सुनवाई चल रही थी. पटियाला हाउस कोर्ट ने डेथ वारंट जारी कर दिया है. सुनवाई के दौरान दोषी अक्षय सिंह ने कुछ बोलने की इजाज़त मांगी थी, लेकिन इजाज़त नहीं दी गई.

इससे पहले 18 दिसंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने दोषी अक्षय सिंह की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने दोषी अक्षय सिंह की याचिका पर दलीलें सुनने के बाद फांसी की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. आज सात जनवरी को इसकी सुनवाई पटियाला हाउस कोर्ट में की गई. चारों दोषियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई. चारों दोषी इस समय तिहाड़ जेल में बंद हैं. तिहाड़ से ही चारों अपने डेथ वारंट की सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हिस्सा ले रहे थे.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया मामले में सभी आरोपियों की फांसी की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. इस मामले के दोषी अक्षय सिंह सहित चारों दोषियों की फांसी की सजा का रास्ता भी अब साफ हो गया था. दोषियों के पुनर्विचार याचिका पर जस्टिस आर बनुमथी, एएस बोपन्ना और अशोक भूषण की एक नई तीन-न्यायाधीश पीठ ने सुनवाई की थी.

18 दिसंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का कहना था कि दोषियों का गुनाह माफी के लायक नहीं है. इसे तो भगवान भी माफ नहीं कर सकते हैं. दोषी का अपराध बेहद गंभीर है. अक्षय कुमार द्वारा दायर की गई पुनर्विचार याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अपने 2017 के फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था, जिसमें उसने गैंगरेप और हत्या मामले में अक्षय को दोषी पाया था. सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले में सभी चार आरोपियों को मौत की सजा सुनाई थी. कोर्ट द्वारा पुनर्विचार याचिका खारिज कर दिए जाने के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने खुशी जताई थी.

अब भी दोषियों के पास दो और मौके
पटियाला हाउस कोर्ट ने डेथ वारंट जारी कर दिया है, लेकिन चारों दोषियों के पास अब भी दो रास्ते हैं. दोषी अभी भी कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन और राष्ट्रपति के पास दया याचिका दाखिल सकते हैं.

बता दें कि निर्भया के माता-पिता ने पिछले महीने चारों आरोपियों के खिलाफ डेथ वॉरेंट जारी करने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट में एक दोषी अक्षय ठाकुर की फांसी के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद डेथ वारंट पर अंतिम सुनवाई की.

बता दें कि 7 साल पहले 16 दिसंबर 2012 को चल्ती बस में एक 23 साल की लड़की (निर्भया) के साथ गैंगरेप किया गया था. जिसकी घटना के कुछ दिनों बाद मौत हो गई थी. इस अपराध के लिए पवन के अलावा मुकेश, अक्षय और विनय को मौत की सजा सुनाई जा चुकी है.