नई दिल्‍ली: निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले के दोषियों में से एक अक्षय सिंह की पत्‍नी पुनीता देवी दिल्‍ली की पटियाला हाउस कोर्ट परिसर के बाहर फूट-फूटकर कर रोई और बेहोश होकर गिर पड़ी. अक्षय सिंह की पत्‍नी ने बिहार की औरंगाबाद की एक कोर्ट में अक्षय से तलाक लेने के लिए याचिका भी दायर कर रखी है. Also Read - लॉकडाउन: दिल्ली में बिना राशन कार्ड वालों को भी मिलेगा 5 किलो राशन, केजरीवाल सरकार का बड़ा फैसला

अक्षय की पत्‍नी उसने बेहोश होने से पहले कहा कि उसे और उसके नाबालिग बेटे को भी फांसी दे दी जाए. अदालत के बाहर चीखते हुए उसने कहा, ”मुझे भी न्याय चाहिए. मुझे भी मार दो. मैं जीना नहीं चाहती. मेरा पति निर्दोष है. यह समाज उसके पीछे क्यों पड़ा है?” उसने कहा, “हम इस उम्मीद में जी रहे थे कि हमें न्याय मिलेगा, लेकिन पिछले सात साल से हम रोज मर रहे हैं.” Also Read - Coronavirus: दिल्‍ली में अब तक कुल 384 लोग संक्रमित, 24 घंटे में 91 केस बढ़े

सिंह की पत्नी ने खुद को सैंडल से मारना शुरू कर दिया जिसके बाद वकीलों ने उसे समझाया-बुझाया. Also Read - 14 राज्यों में अब तक तबलीगी जमात के 647 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए: Health Ministry

हालांकि पीड़िता के परिजन के वकील ने कहा कि दोषियों को कोई रियायत नहीं मिलनी चाहिए. वकील ने कहा, अक्षय हमारे समाज का हिस्सा है. अप्राकृतिक मौत से हर किसी को दुख होता है, लेकिन अक्षय के साथ कोई नरमी नहीं बरती जानी चाहिए.

निर्भया गैंगरेप मर्डर केस में दोषी की पत्‍नी पुनीता देवी दिल्‍ली में अक्षय सिंह से आखिरी बार मिलने के लिए आई है. बता दें कि इससे पहले बिहार में औरंगाबाद की एक अदालत ने गुरुवार को निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले के दोषियों में से एक की पत्नी की याचिका पर सुनवाई 24 मार्च तक टाल दी. याचिका में यह कहते हुए तलाक मांगा गया है कि वह एक बलात्कारी की विधवा नहीं कहलाना चाहती. इसके बाद पारिवारिक अदालत ने सुनवाई टाल दी.

बता दें कि अक्षय सिंह को कल शुक्रवार यानि 20 मार्च को फांसी होनी है. हालाकि, पुनीता देवी कहती रही है कि उसका पति निर्दोष है और तलाक याचिका से अटकलें लगाई जा रही है कि यह मौत की सजा में देरी करने की चाल है. अक्षय सिंह पटना से करीब 225 किलोमीटर दूर बिहार के औरंगाबाद जिले में लहानकर्मा गांव का रहने वाला है.

5 मार्च को एक निचली अदालत ने मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को 20 मार्च को सुबह साढ़े पांच बजे फांसी देने के लिए नया मृत्यु वारंट जारी किया था. अदालत को गुरुवाार को सूचित किया गया कि सभी दोषी अपने सभी कानूनी और संवैधानिक विकल्पों का इस्तेमाल कर चुके हैं और उनके बचने के लगभग सभी रास्ते बंद हो चुके हैं.