नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को निर्भया दुष्कर्म व हत्या मामले में चारो दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी करने को लेकर दाखिल याचिका पर उनसे (दोषियों से) जवाब मांगा है. पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेद्र राणा ने तिहाड़ जले अधिकारियों की ओर से दायर याचिका पर दोषियों से जवाब मांगा, जिसमें दोषियों को फांसी देने के लिए तिथि मुकर्रर करने की मांग की गई है. अदालत मामले की सुनवाई शुक्रवार को करेगी.Also Read - नए आईटी नियम: जब तक विचार की स्वतंत्रता नहीं है, आप कुछ भी कैसे व्यक्त कर सकते हैं: अदालत

अधिकारियों ने अदालत को यह भी बताया कि मौत की सजा पाए चार दोषियों में से तीन ने अपने कानूनी अधिकारों का प्रयोग कर लिया है. दोषियों में से एक अक्षय की दया याचिका बुधवार को राष्ट्रपति ने खारिज कर दी, जिसके बाद तिहाड़ प्रशासन ने यह कदम उठाया है. अक्षय, मुकेश और विनय अपने कानूनी अधिकारों का प्रयोग कर चुके हैं. चौथे दोषी पवन ने अभी तक क्यूरेटिव और दया याचिका के अधिकार का प्रयोग नहीं किया है, जोकि उनके लिए अंतिम न्यायिक और संवैधानिक अधिकार है. Also Read - पुलिस को अदालत का निर्देश, 'न्याय से न भागें अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा'

गौरतलब है कि साल 2012 में दिल्ली में चलती बस के अंदर आरोपियों ने निर्भया के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना को अंजाम दिया था. कुछ वक्त बाद इलाज के दौरान निर्भया की मौत हो गई थी. इसके बाद पूरे देश में गुस्से का माहौल था. बता दें सभी आरोपी बार-बार सुप्रीम कोर्ट व राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजकर फांसी को टालने की कोशिश कर रहे हैं साथ ही कोर्ट ने भी इस बाबत कहा था कि फैसले में देरी हो रही हैं. Also Read - Karan Oberoi Case: Pooja Bedi और Sudhanshu Pandey को कोर्ट का समन, क्या है मामला?