नयी दिल्ली: निर्भया सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले के चार में से तीन दोषियों ने शुक्रवार की सुबह होने वाली फांसी से बचने के लिये एक और दांव चलते हुए गुरुवार की रात दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया. उच्च न्यायालय उनकी इस याचिका पर रात नौ बजे सुनवाई कर सकता है. इन तीनों दोषियों ने अपनी याचिका में निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उसने शुक्रवार की सुबह होने वाली उनकी फांसी पर रोक लगाने से मना कर दिया. न्यायमूर्ति मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ के मामले पर रात नौ बजे सुनवाई करने की उम्मीद है. तीनों दोषियों की याचिका का रजिस्ट्री अधिकारियों के समक्ष उल्लेख किया गया, जिन्होंने इसे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा. मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले को न्यायमूर्ति मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ को सौंप दिया. Also Read - केरल में शराब खरीदने के विशेष पास पर कोर्ट ने लगाई रोक, कहा- यह निराशाजनक..

निचली अदालत ने गुरुवार की दोपहर दोषियों अक्षय कुमार सिंह, पवन गुप्ता और विनय शर्मा की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने अपने मृत्यु वारंट पर रोक लगाने की मांग की थी. इन तीनों दोषियों के साथ मुकेश सिंह को भी शुक्रवार की सुबह साढ़े पांच बजे फांसी दी जानी है. इससे पहले फांसी से बचने के चारों दोषियों के सारे कानूनी रास्ते बृहस्पतिवार को बंद होते नजर आए थे. मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को फिजियोथेरेपी की 23 वर्षीय छात्रा से सामूहिक बलात्कार करने को लेकर दोषी ठहराया गया है. दोषियों को शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे मृत्यु होने तक फांसी के फंदे से लटकाया जाना है. Also Read - निर्भया के पिता ने राहुल गांधी को बताया फरिश्ता... आखिर क्यों?

सात साल तीन महीने पहले दिल्ली में एक चलती बस में हुई निर्भया के साथ हुई दरिंदगी की घटना ने पूरे राष्ट्र को झकझोर कर रख दिया था. यह पहला मौका है जब दक्षिण एशिया के सबसे बड़े जेल परिसर तिहाड़ जेल में चार लोगों को एक साथ फांसी दी जानी है. जेल अधिकारियों ने मंगलवार शाम इसके लिये तैयारी शुरू कर दी थी. दोषियों की फांसी के क्रियान्वयन को एक अदालत को तीन बार इस आधार पर टालना पड़ा था कि दोषियों ने अपने सारे कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल नहीं किया है और किसी ना किसी की दया याचिका राष्ट्रपति के पास थी. हालांकि, बृहस्पतिवार को चारों दोषियों के लिये सारे कानूनी रास्ते बंद होते नजर आए. Also Read - निर्भया को इंसाफ दिलाकर सोशल मीडिया पर रोल मॉडल बनी वकील सीमा कुशवाहा, 7 साल में नहीं लिया एक भी पैसा

उच्चतम न्यायालय ने मुकेश सिंह की वह याचिका खारिज कर दी कि वह वारदात के समय दिल्ली में नहीं था. न्यायमूर्ति आर भानुमति, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना ने कहा कि सिंह ने अपने सभी विकल्पों का इस्तेमाल कर लिया है और किसी नये साक्ष्य पर गौर नहीं किया जाएगा. शीर्ष न्यायालय ने अक्षय कुमार सिंह की वह याचिका भी खारिज कर दी जिसके जरिये उसने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा अपनी दूसरी दया याचिका खारिज किये जाने को चुनौती दी थी. न्यायालय ने कहा कि इस फैसले में न्यायिक पुनर्विचार के लिये कोई आधार नहीं बनता है. वहीं, दिल्ली की एक अदालत ने भी अक्षय,पवन, विनय की वे याचिकाएं खारिज कर दीं, जिनके जरिये उन्होंने अपनी फांसी पर रोक लगाने की मांग की थी.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने मामले में न्यायपालिका द्वारा काफी समय लिये जाने के चलते कानून का शासन की दक्षता को लेकर व्यक्त की जा रही चिंताओं पर कहा कि गौतम बुद्ध और महात्मा गांधी के देश में कानून का शासन सर्वाधिक घृणित अपराधियों का भाग्य निर्धारित करता है. फांसी के क्रियान्वयन में कुछ ही घंटे शेष रहने के मद्देनजर निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि उनकी बेटी की आत्मा को अब शांति मिलेगी और उसे सात साल बाद न्याय मिलेगा. निर्भया की मां ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘आखिरकार दोषियों को फांसी दी जाएगी. अब मुझे शांति मिलेगी.’’

वहीं, दोषी अक्षय कुमार सिंह की पत्नी पुनीता देवी पटियाला हाउस अदालत के बाहर बेहोश हो गईं. उसने कहा कि उसे और उसके नाबालिग बेटे को भी उसके पति के साथ फांसी से लटका देना चाहिए. उसने खुद को सैंडल से पीटते हुए कहा, ‘मैं भी न्याय चाहती हूं. मुझे भी मार डालें. मैं जीना नहीं चाहती. मेरा पति बेकसूर है.’ उसने हाल ही में बिहार के एक परिवार अदालत में एक तलाक याचिका दायर की थी. दक्षिण दिल्ली में आर के पुरम के पास स्थित झुग्गी कॉलोनी रविदास कैम्प में विनय शर्मा की मां ने कहा, ‘अब आप क्या लिखेंगे? यदि ईश्वर चाहेंगे तो वह बच जाएगा.यह सब ईश्वर की इच्छा है. कोरोना वायरस को देखिये. यह ईश्वर हैं जो हर चीज का निर्णय करते हैं.’ जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मेरठ निवासी पवन जल्लाद फांसी का अभ्यास करने के लिए मंगलवार शाम तिहाड़ जेल प्रशासन से मिला.