Nirbhaya Gangrape and Murder Case: निर्भया गैंगरेप मर्डर मामले में दो दोषियों की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज (Curative Petition) होने के बाद एक अन्य दोषी मुकेश ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) को याचिका दायर की है. दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले में बुधवार यानी आज को सुनवाई करेगा. दरअसल, दोषी मुकेश ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर डेथ वारंट पर रोक लगाने की मांग की है. आज जस्टिस मनमोहन और जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल की पीठ निर्भया के दोषी मुकेश की याचिका पर सुनवाई करेगी.

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याचिका में मुकेश ने कहा कि उसने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर की है, ऐसे में जब तक दया याचिका का निपटारा नहीं हो जाता तब तक उसकी फांसी पर कोर्ट रोक लगाए. अगर राष्ट्रपति दया याचिका को खारिज भी करते हैं तो भी उसे राष्ट्रपति के फैसले को चुनौती देने के लिए समय दिया जाए. मुकेश ने अपनी याचिका में ये भी कहा है कि अगर राष्ट्रपति उसकी दया याचिका को खारिज करते हैं तो उसे वो हाईकोर्ट फिर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में चुनौती देगा.

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आपको बता दें कि 14 जनवरी 2020 दिन मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के दो दोषी विनय शर्मा और मुकेश की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज कर दी थी. इस मामले में चार दोषी हैं, जिनमें से दो हत्यारों ने ही क्यूरेटिव याचिका दायर की थी, बाकि दो दोषी बाद में क्यूरेटिव याचिका दायर कर सकते हैं. ये याचिका दायर करने में देरी की वजह फाँसी की सजा को और कुछ दिन टालने की कोशिश होगी. क्यूरेटिव याचिका के बाद दोषियों के पास राष्ट्रपति के यहां दया याचिका दायर करने का क़ानूनी अधिकार बचा है.

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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने एक दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका 18 दिसंबर को ख़ारिज की थी, अन्य तीन दोषियों की पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट पहले ख़ारिज कर चुका था, जिसके बाद सात जनवरी को दिल्ली पटियाला हाउस की ट्रायल कोर्ट ने चारों दोषियों को 22 जनवरी को फाँसी पर लटकाने के लिए डेथ वांरट जारी कर दिया था.यह वारंट निरभया की माँ की अर्ज़ी पर जारी हुआ था, अर्ज़ी में ट्रायल कोर्ट से माँग की गई थी कि सात जनवरी को दोषियों की कोई भी याचिका सुप्रीम कोर्ट में या राष्ट्रपति के पास लंबित नहीं है इसलिए ट्रायल कोर्ट फाँसी की सजा को तामील में लाने के लिए कार्रवाई करें.