नई दिल्ली: निर्भया की मां ने सोमवार को उम्मीद जताई कि उनकी बेटी के बलात्कार और हत्या मामले के चारों दोषियों को तीन मार्च को फांसी दे दी जाएगी. उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि आदेश (मृत्यु वारंट) का आखिरकार पालन किया जाएगा. अदालत ने दोषियों को फांसी की सजा के लिए तीन मार्च की तारीख तय की है. Also Read - बेटियों के लिए न्याय की खातिर लड़ाई जारी रहेगी, आज का दिन 'न्याय दिवस' घोषित हो: निर्भया की मां

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को चारों दोषियों को तीन मार्च को सुबह छह बजे फांसी दिए जाने का नया वारंट जारी किया. इससे पहले दो बार मौत संबंधी वारंट पर रोक लगा दी गई थी. Also Read - निर्भया के दोषियों को आज सुबह होगी फांसी, आशा देवी ने कहा- पूरे देश को न्याय मिला है

यह तीसरा मौका है कि मुकेश कुमार सिंह, पवन गुप्ता, विनय कुमार शर्मा और अक्षय कुमार के खिलाफ मृत्यु वारंट जारी किया गया है. पहले दो बार वारंटों को पालन नहीं किया जा सका, क्योंकि दोषियों ने उपलब्ध कानूनी और अन्य विकल्पों का उपयोग नहीं किया था. Also Read - निर्भया केस के दोषी विनय शर्मा ने फांसी से बचने के लिए उपराज्‍यपाल से लगाई गुहार

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने चारों दोषियों -मुकेश कुमार सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय कुमार शर्मा (26) और अक्षय कुमार (31) को फांसी देने के लिए यह मृत्यु वारंट जारी किया है।

यह तीसरी बार है कि इन चारों के लिए मृत्यु वारंट जारी किए गए हैं. सबसे पहले फांसी देने की तारीख 22 जनवरी तय की गई थी. लेकिन 17 जनवरी के अदालत के आदेश के बाद इसे टालकर एक फरवरी सुबह छह बजे किया गया था.

फिर 31 जनवरी को निचली अदालत ने अगले आदेश तक चारों दोषियों की फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी, क्योंकि उनके सारे कानूनी विकल्प खत्म नहीं हुए थे.

सोमवार को सुनवाई के दौरान चारों दोषियों में मुकेश ने अदालत से कहा कि वह नहीं चाहता है कि अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर उसकी पैरवी करें. तब अदालत ने वकील रवि काजी को उसका पक्ष रखने के लिए नियुक्त किया.

अदालत को यह भी सूचित किया गया कि इस मामले का अन्य अपराधी विनय शर्मा तिहाड़ जेल में भूख हड़ताल पर है. विनय के वकील ने अदालत से कहा कि जेल में उस पर हमला किया गया और उसके सिर में चोट आई है. उसके वकील ने यह भी कहा कि वह गंभीर मानसिक बीमारी से ग्रस्त है इसलिए उसे फांसी नहीं दी जा सकती. तब अदालत ने तिहाड़ जेल के अधीक्षक को कानून के मुताबिक विनय का समुचित ध्यान रखने का निर्देश दिया.

पवन के वकील ने अदालत से कहा कि उनका मुवक्किल सुप्रीम कोर्ट में सुधारात्मक याचिका और राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दाखिल करना चाहता है. पवन गुप्ता चारों अपराधियों में एकमात्र ऐसा मुजरिम है, जिसने अब तक सुधारात्मक याचिका दायर नहीं की है. यह किसी भी व्यक्ति के लिए आखिरी कानूनी विकल्प होता है, जिस पर चैम्बर में निर्णय लिया जाता है. पवन गुप्ता के पास दया अर्जी देने का भी विकल्प है.

अक्षय कुमार के वकील ने अदालत से कहा कि उन्होंने नई दया अर्जी तैयार की है, जिसे राष्ट्रपति को दिया जाएगा.