नई दिल्‍ली: देश की राजधानी दिल्‍ली में 16 दिसंबर 2012 को हुए निर्भया गैंग रेप और मर्डर के मामले में दोषियों की फांसी में हो रही देरी पर शुक्रवार को मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दिए बयान पर पीड़िता की मां ने सवाल उठाए हैं. वहीं, केंद्रीय मंत्री स्‍मृति ईरानी ने भी मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला किया है.

बता दें कि सीएम अरविंद केजरवाल ने आज शुक्रवार को बयान द‍िया था क‍ि दिल्‍ली सरकार के अंतर्गत आने वाला सारा कार्य घंटों के अंदर ही कर लिया गया था. हमने इस मामले में कभी भी देरी नहीं की है. दिल्‍ली की इसमें कम ही भूमिका है. हम चाहते हैं कि दोषियों को जल्‍द से जल्‍द फांसी दी जाए.

निर्भया की मां ने केजरीवाल पर उठाए सवाल
दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल का यह बयान आने के बाद निर्भया की मां ने कहा, ये बिल्कुल गलत है कि उन्होंने समय पर काम किया, 7 साल हो गए घटना हुए, 2.5 साल हो गए सुप्रीम कोर्ट से फैसला आए, 18 महीने हो गए रिव्यू पि‍टि‍शन खारिज हुए, जो काम जेल और सरकार को करना चाहिए था, वो हमने किया.

क्‍या उन्‍होंने निर्भया की मां के आंसू नहीं देखे थे? स्‍मृति ईरानी
निर्भया की मां के सवाल के अलावा केंद्रीय मंत्री स्‍मृति ईरानी ने मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए कहा, आप सरकार के अंदर आने वाला जेल विभाग जुलाई 2018 में रिव्‍यू याचिका खारिज होने के बाद क्‍यों सो रहा था? क्‍यों इस सरकार ने 10000 रुपए और सिलाई किट नाबालिग दोषी के रिहा होने पर उसे दी थी. क्‍या उन्‍होंने निर्भया की मां के आंसू नहीं देखे थे?

राष्‍ट्रपति ने मुकेश सिंह की दया याचिका खारिज की
बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने निर्भया बलात्कार मामले के दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी. मुकेश 2012 के निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले के चार दोषियों में से एक है, जिन्हें फांसी की सजा का आदेश दिया गया है.

उम्मीदें धूमिल पड़ गई थीं, लेकिन दया याचिका खारिज होना अच्‍छी बात
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार देर रात दया याचिका राष्ट्रपति के पास भेजी, जिसके बाद राष्ट्रपति ने इसे खारिज कर दिया. सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति कोविंद ने मुकेश सिंह की दया याचिका को खारिज कर दिया है. दया याचिका खारिज होने की खबर मिलने के बाद निर्भया के पिता ने कहा, ”यह बहुत अच्छी बात है. जब हमने ‘फांसी देने में देरी हो सकती है’ वाली खबर सुनी तो हमारी सारी उम्मीदें धूमिल पड़ गई थीं.” मुकेश सिंह ने दो दिन पहले ही दया याचिका दायर की थी.

22 जनवरी को फांसी पर लटकाने के लिए डेथ वारंट जारी हुआ था
दिल्ली की एक अदालत ने सात जनवरी को मृत्यु वारंट जारी करते हुए कहा था कि चारों दोषियों – मुकेश सिंह(32), विनय शर्मा (26), अक्षय कुमार सिंह (31) और पवन गुप्ता (25) को 22 जनवरी की सुबह सात बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी जाएगी. हालांकि दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में कहा था कि दोषियों को फांसी नहीं दी जा सकती है, क्योंकि दोषी मुकेश ने दया याचिका दायर कर रखी है.  (इनपुट: एजेेंसी)