नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम के परिवार पर विदेश में अघोषित संपत्ति के मामले में 4 चार्जशीट दाखिल होने पर बीजेपी ने हमला बोला है. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने कहा कि खुद बेल पर बाहर चल रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी क्या अपने सीनियर नेता के मामले पर कोई टिप्पणी करेंगे या ऐक्शन लेंगे.रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री ने कहा कि पी. चिदंबरम पर विदेश में अपनी संपत्ति की पूरी जानकारी न देने का आरोप है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उनके परिवार के खिलाफ 4 चार्जशीट दाखिल की है. क्या कांग्रेस पी. चिदंबरम को भी नवाज शरीफ की तरह ही राजनीति से दूर करेगी क्योंकि उन्होंने भी विदेश में अपनी संपत्ति की जानकारी अपने ऐफिडेविट और इनकम टैक्स के रिकॉर्ड में नहीं दी थी.Also Read - LLP Amendment Bill: राज्यसभा ने एलएलपी संशोधन विधेयक को मंजूरी दी, उद्योग जगत ने बताया बेहतर कदम

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इस मामले में निर्मला ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को भी लपेटा. उन्होंने कहा कि बीजेपी जानना चाहती है कि खुद बेल पर बाहर चल रहे कांग्रेस के अध्यक्ष क्या इस पर कोई जांच करेंगे या कोई टिप्पणी करेंगे. उनके पूर्व सीनियर मंत्री ने जो जानकारी नहीं दी है, उस पर 120 पर्सेंट पेनल्टी लगेगी. आरोपी सही साबित होते हैं तो 10 साल तक उन्हें जेल में भी रहना पड़ा सकता है. Also Read - कल विपक्षी दलों के साथ नाश्ते पर मुलाकात करेंगे राहुल गांधी, जानिए किस मुद्दे पर होगी चर्चा

गौरतलब है कि आयकर विभाग ने विदेश स्थित अपनी संपत्ति का कथित रूप से खुलासा नहीं करने को लेकर पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम की पत्नी नलिनी, बेटे कार्ति और पुत्रवधू श्रीनिधि के खिलाफ ‘काला धन अधिनियम’ के तहत शुक्रवार को चार आरोपपत्र दाखिल किए थे. आयकर विभाग ने चेन्नई में एक विशेष अदालत के समक्ष आरोपपत्र दाखिल किए. काला धन (अघोषित विदेशी आय एवं संपत्ति) की धारा 50 और कर अधिरोपण अधिनियम 2015 के तहत ये आरोपपत्र दाखिल किए गए.

2015 में मोदी सरकार ले आई कानून
गौरतलब है कालाधन के खिलाफ अपने अभियान के तहत 2015 में नरेन्द्र मोदी सरकार यह कानून लाई थी. आयकर विभाग ने इस मामले में कार्ति और उनके परिवार के सदस्यों को हाल ही में नोटिस जारी किया था. वहीं, कार्ति ने जांच में शामिल होने से इनकार करते हुए कहा था कि वह संपत्ति का ब्योरा और इससे जुड़े पिछले साल के लेन देन का ब्योरा पहले ही दूसरे कर प्राधिकार को सौंप चुके हैं और एक ही कानून के तहत किसी के व्यक्ति के खिलाफ समानांतर कार्यवाही नहीं हो सकती.